Train Operations Hit: सबौना गांव के समीप मालगाड़ी के वैगन पटरी से उतरने के बाद रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। सुबह करीब 10:50 बजे हुई घटना के बाद शाम छह बजे तक ट्रेनों का परिचालन सामान्य नहीं हो सका। रेलवे सूत्रों के अनुसार, करीब सात घंटे तक चले व्यवधान का असर लगभग 56 मालगाड़ियों पर पड़ा। डाउन लाइन से सुबह 10:50 बजे के बाद एक भी मालगाड़ी नहीं गुजर सकी, जबकि अप लाइन पर इस दौरान केवल छह से सात मालगाड़ियां ही चल पाईं।
रेलवे की कमाई प्रभावित
आम दिनों में इस रेलखंड पर शाम छह बजे तक करीब 28 खाली और 28 लोडेड मालगाड़ियां गुजरती हैं। यानी निर्धारित समय में कुल 56 मालगाड़ियों का परिचालन होता है। रेलवे एक मालगाड़ी से करीब 22 लाख रुपये का भाड़ा लेता है। इस हिसाब से 28 मालगाड़ियों के जरिए माल ढुलाई से रेलवे को लगभग छह करोड़ रुपये की आमदनी होती है। परिचालन बाधित होने से माल ढुलाई के साथ रेलवे की संभावित आय पर भी असर पड़ा।
यात्री ट्रेनें भी प्रभावित
मालगाड़ी के पटरी से उतरने का असर यात्री ट्रेनों पर भी पड़ा। करीब आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। बरकाकाना-डेहरी ऑन सोन पैसेंजर और बनारस-बरकाकाना मेमू को रास्ते में ही टर्मिनेट करना पड़ा। वहीं डेहरी ऑन सोन-बरवाडीह और बरवाडीह-डेहरी ऑन सोन पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा मंडुवाडीह-रांची एक्सप्रेस को भी दूसरे मार्ग से डायवर्ट किया गया। अचानक हुए बदलाव से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्टेशन पर फंसे यात्री
ट्रेनें रद्द और डायवर्ट होने के कारण कई यात्री घंटों रेलवे स्टेशन पर फंसे रहे। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी। स्टेशन परिसर में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना ट्रेन से सफर करने वाले छात्रों को हुई। जपला और मोहम्मदगंज से कोचिंग के लिए आने-जाने वाले कई बच्चे कोचिंग खत्म होने के बाद स्टेशन पर ही फंस गए। ट्रेन नहीं मिलने के कारण वे समय पर अपने घर नहीं पहुंच सके।
सात घंटे बाद राहत
मालगाड़ी के बेपटरी होने के बाद रेलवे की टीम ने ट्रैक को दुरुस्त करने और प्रभावित परिचालन को सामान्य करने का काम शुरू किया। करीब सात घंटे तक रेल यातायात बाधित रहने के बाद शाम छह बजे के आसपास परिचालन बहाल होने की स्थिति बनी। घटना के कारण जहां माल ढुलाई प्रभावित हुई, वहीं कई यात्री ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। रेलवे की ओर से पटरी से उतरने की घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।









