जापान के टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में 13 अगस्त से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। कई इलाकों में कुछ ही घंटों के भीतर इतनी बारिश हुई कि सड़कें, रेलवे लाइनें और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए। मौसम विभाग के मुताबिक चिबा शहर में 12 घंटे के दौरान 348 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त की सामान्य मासिक बारिश से करीब तीन गुना है। कुछ इलाकों में 24 घंटे में 360 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई।
मौतों का बढ़ा आंकड़ा
भारी बारिश के कारण कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए और वाहनों के डूबने की घटनाएं सामने आईं। शुरुआती सरकारी जानकारी में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ बताई गई। एक व्यक्ति के लापता होने की भी सूचना थी। राहत और बचाव अभियान में जापानी सुरक्षाबलों को भी लगाया गया। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों और नदियों के आसपास जाने से बचने की अपील की।
पहली बार Level 5
बारिश की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने चिबा के कई इलाकों में पहली बार सबसे ऊंचे स्तर का Level-5 भारी बारिश अलर्ट जारी किया। यह चेतावनी बाढ़ और भूस्खलन जैसे जानलेवा खतरे को लेकर दी गई थी। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और स्थानीय प्रशासन के निकासी निर्देशों का पालन करने को कहा। बाद में बारिश की तीव्रता कम होने पर कुछ क्षेत्रों में चेतावनी को Level-4 तक घटाया गया।
एयरपोर्ट पर फंसे यात्री
भारी बारिश का असर जापान के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल नारिता इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी पड़ा। ट्रेन और बस सेवाएं बाधित होने के कारण करीब 7 हजार यात्री रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे। यात्रियों को प्रशासन और एयरपोर्ट कर्मचारियों की ओर से पानी, खाना और सोने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया। कई लोगों को होटल तक पहुंचने में भी परेशानी हुई, क्योंकि आसपास के परिवहन नेटवर्क पर बाढ़ का असर था।
बिजली और यातायात ठप
बारिश के कारण चिबा और आसपास के इलाकों में सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई हाईवे बंद करने पड़े और जगह-जगह वाहन पानी में फंस गए। हजारों घरों की बिजली भी प्रभावित हुई। कुछ इलाकों में राहत शिविर बनाए गए, जहां लोगों को सुरक्षित जगह दी गई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बारिश दोबारा तेज हो सकती है, इसलिए नदियों के बढ़ते जलस्तर, अचानक बाढ़ और भूस्खलन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम बना बड़ी चुनौती
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म और नम हवा के साथ ऊपर मौजूद ठंडी हवा के मेल से बेहद तेज बारिश की स्थिति बनी। जापान में भारी बारिश और बाढ़ की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस घटना को असाधारण बताया। रिकॉर्ड बारिश ने एक बार फिर दिखाया कि अत्यधिक मौसम की घटनाएं किस तरह कुछ ही घंटों में बड़े शहरों की परिवहन और बिजली व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।


