Silent Hike: मोबाइल रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले महीने जेब पर भारी पड़ सकते हैं। टेलीकॉम कंपनियां फिलहाल किसी बड़े टैरिफ ऐलान के बिना ही अपने प्रीपेड प्लान्स में बदलाव करती नजर आ रही हैं। कुछ सस्ते प्लान बंद किए जा रहे हैं, जबकि उनकी जगह महंगे विकल्प दिए जा रहे हैं। इसी वजह से कुछ रिचार्ज की कीमत पहले की तुलना में करीब 16% तक बढ़ गई है। खास बात यह है कि जुलाई 2024 के बाद कंपनियों ने कोई बड़ी औपचारिक टैरिफ बढ़ोतरी घोषित नहीं की है।
एयरटेल ने बदले विकल्प
एयरटेल ने हाल में कई प्रीपेड प्लान अपनी लिस्ट से हटा दिए हैं। इनमें 249, 299, 579, 619 और 649 रुपये वाले प्लान शामिल हैं। इन प्लान्स के हटने से ऐसे ग्राहकों को अब दूसरे विकल्प चुनने पड़ रहे हैं, जो कम कीमत में रोजाना डेटा और वैधता चाहते थे। उदाहरण के लिए 299 रुपये वाले प्लान में 28 दिनों तक रोज 1.5GB डेटा मिलता था। अब समान तरह के फायदे के लिए करीब 349 रुपये का विकल्प लेना पड़ सकता है। यानी ग्राहक का खर्च लगभग 16% बढ़ जाता है।
जियो ने अपनाया तरीका
दूसरी तरफ जियो ने सीधे अपने सभी प्लान महंगे करने के बजाय जियो प्राइम मेंबरशिप को फिर से पेश किया है। इसकी सालाना फीस 300 रुपये बताई गई है। मेंबरशिप अवधि के दौरान संबंधित ग्राहकों के लिए प्लान की कीमतें बढ़ने से सुरक्षा मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में अगर आने वाले समय में टैरिफ बढ़ते हैं, तो सदस्यता लेने वाले ग्राहकों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी भविष्य में कितनी और कब बढ़ोतरी करती है।
बढ़ोतरी का अनुमान
मार्केट रिसर्च और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में आने वाले महीनों में टेलीकॉम टैरिफ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कुछ अनुमानों के मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में करीब 10% से 15% तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह फिलहाल अनुमान है और जियो, एयरटेल या वोडाफोन आइडिया ने ऐसी किसी बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए ग्राहकों को अभी संभावित बदलाव को लेकर निश्चित कीमत मानकर नहीं चलना चाहिए।
ग्राहकों पर असर
अगर कंपनियां भविष्य में टैरिफ बढ़ाती हैं तो इसका सीधा असर करोड़ों मोबाइल यूजर्स के मासिक और सालाना बजट पर पड़ेगा। खासकर वे ग्राहक ज्यादा प्रभावित होंगे, जो लंबे समय की वैधता वाले प्लान या रोजाना डेटा वाले पैक इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल कंपनियां बिना किसी बड़े ऐलान के प्लान पोर्टफोलियो में बदलाव करके कीमतों को धीरे-धीरे ऊपर ले जाती दिख रही हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में टेलीकॉम सेक्टर की कीमतों पर नजर रखना ग्राहकों के लिए जरूरी होगा।




