The Speed Mystery: श्रीलंका की पहली पारी में प्रभात जयसूर्या का विकेट भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने लिया। उन्होंने जयसूर्या को LBW आउट किया, लेकिन इस विकेट के साथ एक ऐसा आंकड़ा सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। जिस गेंद पर जयसूर्या आउट हुए, वह भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में किसी स्पिनर की सबसे तेज गेंद निकली। खास बात यह है कि मानव सुथार एक स्पिन गेंदबाज हैं, फिर भी उन्होंने करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर सबको चौंका दिया।
स्पिनर्स का आंकड़ा
गॉल से लेकर कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन तक भारत और श्रीलंका के स्पिन गेंदबाजों ने कुल 1958 गेंदें फेंकीं। यह आंकड़ा करीब 326.2 ओवर के बराबर है। इन सभी गेंदों में मानव सुथार की वह गेंद सबसे तेज रही, जिस पर प्रभात जयसूर्या LBW हुए। यानी यह रिकॉर्ड सिर्फ सुथार की गेंदबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी टेस्ट सीरीज में अब तक स्पिनर्स की फेंकी गई गेंदों में सबसे तेज है।
98.85 की रफ्तार
मानव सुथार ने श्रीलंका की पहली पारी के तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर प्रभात जयसूर्या को पवेलियन भेजा। इस गेंद की रफ्तार 98.85 kmph दर्ज की गई। इसी ओवर की तीसरी गेंद भी सुथार ने 98.17 kmph की गति से फेंकी थी। यह गेंद भी सीरीज में किसी स्पिनर की सबसे तेज गेंदों में तीसरे स्थान पर रही। इससे साफ है कि सुथार जरूरत पड़ने पर अपनी गेंदबाजी में अच्छी-खासी तेजी ला सकते हैं।
ज्यादातर गेंदें धीमी
हालांकि, मानव सुथार की गेंदबाजी का सामान्य पैटर्न इससे काफी अलग है। कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन तक उन्होंने 95 kmph या उससे ज्यादा की रफ्तार वाली बहुत कम गेंदें डाली हैं। ऐसी गेंदों का हिस्सा केवल 2.5 प्रतिशत रहा। वहीं उनकी करीब 62 प्रतिशत गेंदें 85 से 90 kmph की रफ्तार के बीच रही हैं। यही बदलाव बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदबाजी को मुश्किल बनाता है, क्योंकि उन्हें हर गेंद की गति का अंदाजा लगाना आसान नहीं रहता।
विकेटों में सबसे आगे
इस टेस्ट सीरीज में मानव सुथार की फिरकी का असर लगातार देखने को मिल रहा है। वह फिलहाल सीरीज के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। इसकी बड़ी वजह उनकी गेंदबाजी में नजर आने वाला शानदार मिश्रण है। कभी वह गति बढ़ाकर बल्लेबाज को चौंकाते हैं, तो कभी अपनी स्पिन और टर्न से उसे फंसा देते हैं। यही विविधता उन्हें विकेट लेने में बाकी गेंदबाजों से आगे रख रही है।










