Murder Mystery: तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिले शव के टुकड़ों के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। 5 अगस्त को आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन से बरामद किए गए शव की पहचान 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है। चेन्नई जीआरपी की जांच में इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि महिला की हत्या चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके में की गई और इसके बाद शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।
हत्या का शक
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस का शक मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी पर गहराया है। पुलिस के अनुसार, दोनों गुडुवांचेरी की मसूथी स्ट्रीट स्थित एक किराए के मकान में रहते थे। 21 अगस्त को पुलिस ने इस मकान की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान एक बड़े बर्तन में मांस और शरीर के कुछ हिस्से मिलने की बात सामने आई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी मकान में हयातुन निशा की हत्या की गई।
शव के किए टुकड़े
पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या के बाद महिला के शव को कथित तौर पर 18 टुकड़ों में काटा गया। जीआरपी अधिकारियों को शक है कि मणिकउद्दीन ने अपनी प्रेमिका भगवती के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह दावा भी सामने आया है कि शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी में मिलाकर पकाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसका स्पष्ट पता दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही चल सकेगा।
मृतका की पहचान
मृतका की पहचान हयातुन निशा, पत्नी जहूर खान, के तौर पर हुई है। वह मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली थी और चेन्नई के तांबरम स्थित विजय वस्त्र में काम करती थी। पुलिस के अनुसार, मणिकउद्दीन लश्कर असम का रहने वाला है, जबकि भगवती माझी ओडिशा की निवासी बताई जा रही है। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं।
बेटे ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मामले की जांच में मृतका के 19 वर्षीय बेटे यूसुफ खान की भूमिका भी अहम रही। 21 अगस्त को वह अपनी मां को तलाशते हुए गुडुवांचेरी स्थित उस किराए के मकान तक पहुंचा था। वहां मां के नहीं मिलने के बाद उसने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और सीसीटीवी फुटेज समेत दूसरे डिजिटल सबूत खंगाले। इसी दौरान संदिग्धों और मकान से जुड़े सुराग पुलिस के हाथ लगे।
ट्रेन में मिला शव
5 अगस्त की सुबह करीब 5:03 बजे ट्रेन संख्या 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में लाल रंग के ट्रॉली बैग से सड़ी-गली हालत में शव के टुकड़े बरामद हुए थे। आगरा कैंट स्टेशन पर हुई इस बरामदगी के बाद आगरा जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शव परीक्षण और फॉरेंसिक जांच के बाद जांच को चेन्नई जीआरपी को ट्रांसफर किया गया। अब पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
गिरफ्तारी का इंतजार
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती दोनों संदिग्धों को पकड़ना है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हयातुन निशा की हत्या क्यों की गई, वारदात की पूरी योजना कैसे बनाई गई और शव के टुकड़ों को ट्रेन तक कैसे पहुंचाया गया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है और मामले से जुड़े अन्य संभावित सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।



