Javed Miandad Emotional: पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर जावेद मियांदाद अपने पुराने साथी और पूर्व कप्तान इमरान खान को याद कर भावुक हो गए। एक इंटरव्यू के दौरान मियांदाद की आंखों से आंसू छलक पड़े और वह फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपील की कि इमरान खान को जेल से बाहर निकाला जाए। मियांदाद और इमरान खान ने लंबे समय तक पाकिस्तान के लिए साथ क्रिकेट खेला है और दोनों की दोस्ती तथा क्रिकेट साझेदारी काफी पुरानी रही है।
इमरान के लिए बड़ी अपील
नैरेटिव यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में जावेद मियांदाद ने इमरान खान का बचाव करते हुए कहा कि वह बेईमान या भ्रष्ट व्यक्ति नहीं हैं। मियांदाद ने कहा कि अगर इमरान खान बेईमान होते तो अब तक बहुत कुछ हासिल कर चुके होते। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इमरान को रिहा करने में आखिर नुकसान क्या है? मियांदाद ने भावुक होकर कहा कि इमरान भी किसी के बेटे हैं और वह हमेशा यही सोचते हैं कि उनका पुराना कप्तान जेल के अंदर किस तरह रह रहा होगा।
तीन साल से जेल में इमरान
इमरान खान पाकिस्तान की राजनीति में आने से पहले क्रिकेट के बड़े सितारे थे। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में कानूनी कार्रवाई हुई और वर्ष 2023 में उन्हें जेल भेज दिया गया। वह लंबे समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी और जेल में रहने को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद लगातार बना हुआ है।
बेटों ने भी जताई चिंता
इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने भी हाल ही में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। एक इंटरव्यू में दोनों ने सरकार से इमरान खान को रिहा करने की मांग की। इसी बीच पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया था। हालांकि, इमरान की पार्टी ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देशों के मुताबिक उनकी जांच नहीं हुई। पार्टी का दावा है कि जांच शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में होनी थी, लेकिन उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाकर मेडिकल चेकअप कराया गया और फिर वापस अदियाला जेल भेज दिया गया।
1992 में रचा इतिहास
इमरान खान और जावेद मियांदाद की क्रिकेट साझेदारी की सबसे बड़ी याद 1992 का वनडे विश्व कप है। इमरान की कप्तानी में पाकिस्तान ने पहली और अब तक की अपनी एकमात्र वनडे विश्व कप ट्रॉफी जीती थी। मेलबर्न में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान का सामना इंग्लैंड से हुआ था। इमरान खान ने 110 गेंदों पर 72 रन की शानदार पारी खेली, जबकि मियांदाद ने 58 रन बनाए। दोनों के बीच 134 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने 50 ओवर में 249 रन बनाए।
पाकिस्तान को फिर नहीं मिली ट्रॉफी
249 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 227 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान ने यह मुकाबला 22 रन से जीतकर विश्व कप अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में इमरान खान और जावेद मियांदाद की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी। 1992 के बाद पाकिस्तान की टीम दोबारा वनडे विश्व कप का खिताब नहीं जीत सकी। ऐसे में अपने पुराने कप्तान को जेल में देखकर मियांदाद का भावुक होना उनके रिश्ते और उस दौर की यादों को भी सामने लाता है।









