UP Women Self Help Groups:उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने नई पहल की है। इसके तहत ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को सीधे बड़े परिवहन केंद्रों पर बेचने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश के 100 प्रमुख रेलवे स्टेशनों, 100 बस स्टेशनों और 5 हवाई अड्डों पर ‘मुख्यमंत्री महिला उत्पाद विपणन केंद्र’ स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों के जरिए महिलाओं के बनाए सामान को स्थानीय बाजार से निकलकर देशभर के ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा।
मौर्य ने दिए निर्देश
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अपने सरकारी आवास पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और कम से कम 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य पर मिशन मोड में काम किया जाए। सरकार का फोकस महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर देने पर है।
प्रेरणा स्टोर का विस्तार
समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर अब तक 543 ‘प्रेरणा सरल स्टोर’ स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टोर के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे 3 हजार से ज्यादा उत्पादों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। उपमुख्यमंत्री ने इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार सामान को व्यापक बाजार मिलने की उम्मीद है।
ड्रोन दीदी को ताकत
बैठक में ‘ड्रोन दीदी योजना’ की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 11,81,660 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र के लिए ड्रोन सखियों का चयन पूरा हो चुका है। योजना के पहले चरण में महिलाओं को 114 आधुनिक ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार के मुताबिक खेती में ड्रोन के इस्तेमाल से किसानों की लागत कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही उर्वरक और कीटनाशकों के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को नियंत्रित करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
कमाई के नए साधन
सरकार ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग आय आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। समीक्षा बैठक में ‘टेक होम राशन योजना’ का लाभ जल्द सभी 75 जिलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही महिलाओं को डेयरी, मधुमक्खी पालन और मत्स्य पालन जैसे व्यवसायों से जोड़ने की योजना पर भी जोर दिया गया। इन गतिविधियों से महिलाओं के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते खुल सकते हैं।
गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत
सरकार का मानना है कि महिला उत्पाद विपणन केंद्र, प्रेरणा स्टोर और दूसरी आजीविका योजनाओं के विस्तार से स्वयं सहायता समूहों को बड़ा ग्राहक आधार मिलेगा। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और एयरपोर्ट जैसे व्यस्त स्थानों पर उत्पादों की बिक्री से महिलाओं को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की कमाई बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। सरकार की योजना इन पहलों के जरिए महिला उद्यमिता को मजबूत करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की है।









