Kaushal Kishore BJP Politics:भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की लगातार दो सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। सोमवार और मंगलवार को की गई उनकी पोस्ट में उन्होंने किसी व्यक्ति या संगठन का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर चुनावी माहौल के बीच इन पोस्ट ने पार्टी के अंदर की सियासत को लेकर अटकलों को हवा दे दी है।
गेंद वाली पोस्ट
कौशल किशोर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा कि एक मित्र से बातचीत के दौरान गेंद का उदाहरण दिया गया। उनके मुताबिक, गेंद जितनी ऊंचाई तक जानी थी, जा चुकी है और अब नीचे आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नीचे आने की रफ्तार लगातार बढ़ती जाती है और गेंद के गिरने की स्पीड को कोई कम नहीं कर सकता। उनकी इस बात के अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे।
वसूलों पर सवाल
सोमवार की पोस्ट के बाद मंगलवार को कौशल किशोर ने एक और पोस्ट कर चर्चाओं को और बढ़ा दिया। उन्होंने लिखा कि कोई भी संगठन या आंदोलन जब अपने वसूलों से भटक जाता है तो वह आखिरकार वहीं पहुंच जाता है, जहां से उसकी शुरुआत हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि विचारधारा से जुड़े लोगों का विश्वास टूट जाता है, इसलिए वसूलों से भटकना नहीं चाहिए। इस पोस्ट को पार्टी की रीति-नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी में चर्चा तेज
कौशल किशोर ने दोनों पोस्ट में किसी नेता या पार्टी का नाम नहीं लिया है। इसके बावजूद लगातार दो दिन उनके संदेश सामने आने से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी पोस्ट पर अपने-अपने हिसाब से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे सामान्य विचार बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे भाजपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
परिवार भी भाजपा से जुड़ा
कौशल किशोर खुद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी भाजपा की मौजूदा विधायक हैं। ऐसे में उनकी लगातार दो पोस्ट को लेकर पार्टी से नाराजगी की अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि, कौशल किशोर ने अभी तक अपने अगले कदम या किसी राजनीतिक योजना को लेकर खुलकर कोई जानकारी नहीं दी है। भाजपा की ओर से भी उनकी पोस्ट पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल कौशल किशोर की पोस्ट के वास्तविक राजनीतिक संकेत क्या हैं, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने अपने संदेशों में सिर्फ संगठन, वसूल और विचारधारा की बात की है। लेकिन उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल बनने के साथ ऐसे बयानों का राजनीतिक असर जरूर देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि कौशल किशोर आगे भी इसी तरह कोई संदेश देते हैं या अपनी स्थिति को लेकर खुलकर कुछ कहते हैं।










