Ram Mandir CEO Jitendra Mishra:अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया है। यह फैसला 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में लिया गया। मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था और रोजमर्रा के बड़े स्तर के संचालन को देखते हुए इस पद को काफी अहम माना जा रहा है।
चार दशक का अनुभव
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवा दे चुके हैं। वे दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में शामिल हुए थे। अपने करियर में उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन की कमान, दो फ्रंटलाइन एयरबेस की जिम्मेदारी और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। 2025 में वे वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख बने और 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए।
सिंदूर में भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जितेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे। इस दौरान पश्चिमी मोर्चे से जुड़े हवाई अभियानों की कमान उनके पास थी। सैन्य सेवा में उनके नेतृत्व, रणनीतिक समझ और बड़े ऑपरेशन संभालने के अनुभव को अब राम मंदिर के प्रबंधन में उपयोगी माना जा रहा है। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल समेत कई सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।
गांव में खुशी
जितेंद्र मिश्रा का पैतृक संबंध उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बनकटा क्षेत्र के भोपतपुरा गांव से बताया जाता है। उनकी नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों और उनके परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और इसे गांव तथा पूरे देवरिया जिले के लिए गौरव का विषय बताया। फिलहाल उनका परिवार दिल्ली में रहता है। उनकी यूपी से जुड़ी पृष्ठभूमि के कारण भी इस नियुक्ति को राज्य में खास चर्चा मिल रही है।
क्यों मिली जिम्मेदारी
मिश्रा की नियुक्ति के पीछे सबसे स्पष्ट आधार उनका लंबा प्रशासनिक और सैन्य अनुभव माना जा रहा है। ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया में बड़े ऑपरेशन संभालने की क्षमता, अनुशासन और मैनेजमेंट अनुभव को महत्वपूर्ण बताया गया। मीडिया रिपोर्टों में उनकी यूपी पृष्ठभूमि और सामाजिक पहचान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी हो रही हैं, लेकिन ट्रस्ट ने नियुक्ति का आधिकारिक कारण इन्हें नहीं बताया है। इसलिए इन पहलुओं को नियुक्ति की पक्की वजह मानना उचित नहीं होगा।
CEO की जिम्मेदारी
राम मंदिर के CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इनमें मंदिर का प्रशासनिक संचालन, वित्तीय व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बनाना शामिल है। चढ़ावे और दान की व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण चुनौती होगी। मंदिर ट्रस्ट हालिया वित्तीय और चढ़ावे से जुड़े विवादों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बदलाव कर रहा है। ऐसे में मिश्रा का सैन्य अनुशासन और बड़े स्तर पर संचालन का अनुभव इस नई भूमिका में अहम साबित हो सकता है।









