प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए अपने 15 अगस्त के भाषण की एक खास बात का जिक्र किया। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर कहा कि लाल किले से उन्होंने होम्योपैथी की गोली दी थी। पीएम मोदी ने कहा कि होम्योपैथी में कई बार दवा लेने के बाद शुरुआत में बीमारी के लक्षण कुछ समय के लिए बढ़ जाते हैं। इसके बाद इलाज का असर दिखना शुरू होता है।
‘सब सामने आ गए’
पीएम मोदी ने इसी उदाहरण के जरिए अपने बयान पर हुई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ वाली होम्योपैथी की गोली दी, वैसे ही ऐसे लोग सबके सामने आ गए। उन्होंने कहा कि अब जनता भी इन लोगों का असली रंग देख रही है। प्रधानमंत्री ने यह बात SRCC के मंच से अपने पुराने भाषण और मौजूदा राजनीतिक माहौल के संदर्भ में कही।
पुराना भाषण याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान करीब 13 साल पहले SRCC में दिए अपने भाषण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय वह मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ विपक्षी पार्टी के नेता भी थे। इसके बावजूद उन्होंने उस मंच का इस्तेमाल तत्कालीन सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं किया था। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने तब अपने विचार, कुछ संकल्प और देश को लेकर एक विजन सामने रखा था।
संकल्प पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने 13 साल पहले जो बातें कही थीं, उन्हीं को आगे बढ़ाने की कोशिश की और उसी रास्ते पर लगातार चलते रहे। उनके मुताबिक, उस समय उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक सोच और भविष्य की दिशा पर बात की थी। प्रधानमंत्री ने अपने पुराने भाषण को याद करते हुए यह बताने की कोशिश की कि उनके लिए उस समय किए गए संकल्प आज भी महत्वपूर्ण हैं।
युवाओं से जुड़ाव
दिल्ली मेट्रो से श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का SRCC में शताब्दी समारोह के दौरान संबोधन हुआ। कॉलेज के इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने पुराने जुड़ाव, देश के विकास से जुड़े विचारों और मौजूदा राजनीतिक माहौल पर बात की। ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा कि उनके बयान के बाद कई लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे लोगों को करीब से देख और समझ रही है।









