Lucknow Shivani mystery:राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की जांच और शव की पहचान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 वर्षीय शिवानी को परिवार ने करीब दो साल पहले मृत मान लिया था। उसके शव का भैसाकुंड में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। लेकिन 5 सितंबर 2026 को शिवानी अचानक अपने घर नवीकोट नंदना पहुंच गई। बेटी को सामने जिंदा देखकर माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्य हैरान रह गए।
शादी के बाद विवाद
परिजनों के मुताबिक, शिवानी की शादी 22 अप्रैल 2020 को बीकेटी के भुइयां देवी मंदिर में सीतापुर के सकतापुर निवासी आनंद सिंह से हुई थी। शादी के बाद ससुराल पक्ष ने बीकेटी के भीखापुर गांव में मकान बनाया, जहां शिवानी रहने लगी। परिवार का आरोप है कि कुछ समय बाद ससुराल वाले उससे प्लॉट की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर विवाद बढ़ता गया। दादी की मौत के बाद जब शिवानी मायके आई तो उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद मायके वालों ने उसे वापस ससुराल भेजने से इनकार कर दिया।
आधार लेने निकली
परिजनों ने बताया कि 2 मई 2024 की सुबह करीब 9 बजे शिवानी घर से निकली थी। उसने कहा था कि वह पहले भीखापुर स्थित ससुराल से अपना आधार कार्ड लेने जाएगी और इसके बाद सीएचसी इंदौराबाग में पेट दर्द का इलाज कराएगी। शाम तक जब वह घर नहीं लौटी तो पिता सर्वेश सिंह उर्फ हीगू ने ससुराल में फोन किया। सास शीला देवी ने बताया कि शिवानी शायद मड़ियांव के भारत नगर में आनंद के मामा सुशील सिंह के किराए के कमरे पर गई हो। वहां भी उसका पता नहीं चला तो 4 मई को बीकेटी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
शव को माना शिवानी
शिवानी की तलाश जारी थी। इसी दौरान 16 जुलाई 2024 को सैरपुर थाना क्षेत्र में आईआईएम रोड के पीछे नाले से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शिवानी के परिवार को सूचना दी। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और महिला के हाथ में बंधे कलावे तथा उंगली में पहनी अंगूठी के आधार पर शव की पहचान शिवानी के रूप में कर दी। परिवार ने उसे अपनी बेटी मानकर भैसाकुंड में अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि पुलिस ने पहचान के लिए डीएनए जांच भी कराई थी, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही अंतिम संस्कार हो गया।
अब किसका था शव?
5 सितंबर 2026 को शिवानी अचानक नवीकोट नंदना स्थित अपने घर पहुंची तो परिवार के सामने पूरा मामला उलझ गया। जिस बेटी को दो साल पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार किया गया था, वही जिंदा सामने खड़ी थी। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। अब पुलिस शिवानी से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वह दो साल तक कहां रही। साथ ही आईआईएम रोड के पीछे नाले से मिला शव आखिर किस महिला का था, इसकी पहचान भी नए सिरे से जांच का अहम हिस्सा होगी। मामले ने पुलिस की पिछली जांच और शव की पहचान की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।









