Champat Rai Ram Mandir visit:अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में एक बार फिर प्रशासनिक गतिविधियां चर्चा में हैं। मंदिर में चढ़ावे की रकम गायब होने के आरोपों के बाद महासचिव पद छोड़ चुके चंपत राय दोबारा सक्रिय नजर आए। पद छोड़ने के बाद पहली बार वह तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी उनके साथ मौजूद रहे। चंपत राय ने कर्मचारियों से कहा कि काम के दौरान किसी तरह की परेशानी हो तो वे उनसे बेझिझक संपर्क कर सकते हैं।
नया महासचिव संभाल चुका पद
चंपत राय की यह सक्रियता ऐसे समय सामने आई है, जब ट्रस्ट को स्वामी गोविंद देव गिरि के रूप में नया स्थायी महासचिव मिल चुका है। ऐसे में उनका तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा उस समय दिया था, जब राम मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम गायब होने के मामले को लेकर विवाद काफी बढ़ गया था।
चढ़ावे पर उठा विवाद
समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता अखिलेश यादव ने राम मंदिर परिसर से चढ़ावे की रकम गायब होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद चंपत राय ने एक वीडियो जारी कर आरोपों को खारिज किया था। बाद में मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने चोरी के आरोपों को सही पाया। इस मामले में लाखों रुपये की बरामदगी से जुड़े वीडियो भी सामने आए। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इसे बड़ी डकैती बताया था। विवाद बढ़ने के बाद चंपत राय को महासचिव पद से इस्तीफा देना पड़ा।
तीन कर्मियों की वापसी
चंपत राय की वापसी जैसी सक्रियता के बीच ट्रस्ट में एक और अहम फैसला हुआ है। अलग-अलग शिकायतों के चलते परिसर की व्यवस्थाओं से हटाए गए तीन कर्मचारियों को फिर से उनकी पुरानी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद शहीद कारसेवक के पुत्र संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को दोबारा पुराने पदों पर भेज दिया गया है।
पुराने विवादों को राहत
लॉकर व्यवस्था में तैनात संदीप गुप्ता को एक विदेशी महिला श्रद्धालु के साथ बहस के बाद हटाया गया था। महिला की शिकायत पर तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने नोटिस जारी किया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई हुई थी। वहीं केडी तिवारी और बजरंग पाठक को भी एक पुलिस अधिकारी से हुए विवाद के बाद हटाया गया था। बताया गया कि प्रसाद को लेकर हुए विवाद में ट्रस्ट के निर्देशों को लेकर बात बढ़ी थी। अब नए महासचिव ने पुराने फैसले को बदलते हुए तीनों कर्मचारियों को उनकी पिछली जिम्मेदारियों पर बहाल कर दिया है।









