रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 सितंबर को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इसके बाद 12 सितंबर से नई दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है। बातचीत में द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी साझेदारी जैसे मुद्दे शामिल रहने की उम्मीद है। भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और दोनों देश कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। ऐसे में पुतिन का भारत दौरा इस साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
व्यापार पर बातचीत
मोदी और पुतिन की बैठक में भारत-रूस व्यापार भी प्रमुख मुद्दा हो सकता है। दोनों देश कारोबार बढ़ाने के साथ भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने पर लगातार काम कर रहे हैं। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच रूस के लिए भारत के साथ व्यापारिक संबंध काफी अहम हो गए हैं। वहीं, भारत भी ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में रूस के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को बनाए रखना चाहता है। दोनों नेता व्यापार को और संतुलित करने तथा भविष्य में आर्थिक सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा कर सकते हैं।
युद्ध पर चर्चा
रूस-यूक्रेन युद्ध भी मोदी-पुतिन बैठक का महत्वपूर्ण मुद्दा रह सकता है। भारत शुरुआत से ही इस संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी पुतिन से युद्ध खत्म करने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन की मौजूदा स्थिति और शांति प्रयासों को लेकर बातचीत होने की संभावना है।
रक्षा ऊर्जा सहयोग
भारत और रूस के रिश्तों में रक्षा और ऊर्जा का खास महत्व है। दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों और तकनीक को लेकर लंबे समय से सहयोग जारी है। ऊर्जा क्षेत्र में भी रूस भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है। पुतिन के दौरे के दौरान रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
BRICS पर फोकस
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। पुतिन की मौजूदगी से सम्मेलन में भारत-रूस संबंधों पर भी खास नजर रहेगी। BRICS बैठक में सदस्य देशों के नेता व्यापार, आर्थिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों सहित कई अहम मुद्दों पर विचार करेंगे। पुतिन का 11 सितंबर का भारत दौरा सम्मेलन से पहले दोनों देशों के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।




