AI Agent UPI Payment: खुद हो जाएगा छोटा भुगतान, आने वाले समय में हर छोटे डिजिटल भुगतान के लिए आपको UPI ऐप खोलने और खुद पेमेंट करने की जरूरत कम हो सकती है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी NPCI ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रहा है, जिसमें AI एजेंट यूजर की ओर से छोटे भुगतान कर सकेगा।
इसके लिए AI एजेंट को पहले से कुछ नियम और सीमाएं दी जा सकेंगी। एजेंट उन्हीं निर्देशों के आधार पर रोजमर्रा की कम कीमत वाली खरीदारी का भुगतान कर पाएगा।
पहले से तय होंगे नियम
नई व्यवस्था में यूजर यह तय कर सकेगा कि AI एजेंट किन परिस्थितियों में भुगतान कर सकता है और कितनी रकम तक कर सकता है। शुरुआत में किराने का सामान और दूसरी कम कीमत वाली रोजमर्रा की जरूरतों के भुगतान में इसका इस्तेमाल होने की उम्मीद है।
मसलन, अगर यूजर ने किसी एजेंट को एक तय रकम तक भुगतान करने की अनुमति दी है, तो उस सीमा के भीतर आने वाले छोटे लेनदेन एजेंट खुद पूरा कर सकता है।
हर बार मंजूरी की जरूरत नहीं
मौजूदा UPI व्यवस्था में आमतौर पर यूजर को प्रत्येक ट्रांजैक्शन के दौरान खुद भुगतान प्रक्रिया पूरी करनी होती है। AI एजेंट आधारित व्यवस्था में यह प्रक्रिया ज्यादा स्वचालित हो सकती है।
अगर एजेंट को पहले से तय नियमों के तहत भुगतान करने की अनुमति मिली हुई है, तो हर छोटे ट्रांजैक्शन के लिए यूजर से अलग-अलग मंजूरी लेने की जरूरत कम हो सकती है। इससे छोटे और बार-बार होने वाले भुगतान आसान हो सकते हैं।
PIN और OTP का क्या होगा
AI एजेंट के जरिए भुगतान शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि UPI PIN या OTP की व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो जाएगी। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से स्वचालित करना है।
इसके लिए AI एजेंट की पहचान, यूजर की अनुमति और भुगतान की सीमा जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही गलत, संदिग्ध या अनधिकृत भुगतान होने की स्थिति से निपटने के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होगी।
NPCI बनाएगा रजिस्ट्री
नई व्यवस्था में NPCI ऐसी रजिस्ट्री तैयार करने पर काम कर रहा है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान करने वाले AI एजेंट्स की पहचान और उनसे जुड़ी निगरानी की जानकारी दर्ज की जा सकेगी।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यूजर की ओर से भुगतान करने वाले AI एजेंट की पहचान स्पष्ट रहे और उसके जरिए होने वाले लेनदेन पर उचित नियंत्रण रखा जा सके।







