लखनऊ में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह की मौत का मामला अब गंभीर सवालों में घिर गया है। मंगलवार को 35वीं वाहिनी पीएसी के ग्राउंड में भर्ती की दौड़ में शामिल होने के कुछ घंटे बाद योगेंद्र की मौत हो गई थी। शुरुआत में उनकी मौत को दौड़ के दौरान ज्यादा मेहनत और संभावित हार्ट अटैक से जोड़कर देखा जा रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर नया मामला सामने आया है।
दौड़ के बाद बिगड़ी तबीयत
योगेंद्र सिंह मंगलवार को होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल होने लखनऊ की 35वीं वाहिनी पीएसी के मैदान पहुंचे थे। दौड़ में हिस्सा लेने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में माना जा रहा था कि दौड़ के दौरान अधिक मेहनत के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया होगा। इसी आधार पर मामले को देखा जा रहा था।
पोस्टमार्टम में क्या मिला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में योगेंद्र की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। रिपोर्ट में उनके शरीर पर चोट के 12 निशान मिलने की भी बात सामने आई है। इसके अलावा उनके गले में प्लास्टिक की बोतल फंसी हुई पाई गई। इन तथ्यों के सामने आने के बाद परिजनों ने मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है और हत्या की आशंका जताई है।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप
योगेंद्र के भाई कमल किशोर ने आरोप लगाया है कि उनके भाई के साथ मारपीट की गई थी। उनका दावा है कि करीब 250 मिलीलीटर की प्लास्टिक की बोतल जबरन उनके मुंह में ठूंस दी गई, जिससे उनका दम घुट गया और मौत हो गई। हालांकि, ये आरोप अभी जांच का विषय हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि शरीर पर चोट के निशान कैसे आए और बोतल गले में किन परिस्थितियों में पहुंची।
अज्ञात लोगों पर केस
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर कमल किशोर ने लखनऊ के महानगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दौड़ के दौरान या उसके बाद योगेंद्र के साथ क्या हुआ था और उनकी तबीयत किस परिस्थिति में बिगड़ी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस 35वीं वाहिनी पीएसी के मैदान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है। योगेंद्र दौड़ में शामिल होने के बाद किन लोगों के संपर्क में आए थे, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता करेगी कि उनकी तबीयत कब बिगड़ी, उन्हें कहां ले जाया गया और इलाज मिलने से पहले उनके साथ क्या हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आए सवालों के जवाब अब पुलिस जांच से मिलने की उम्मीद है।




