Diwali 2026 Puja Muhurat: दीपावली का त्योहार इस बार 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। सुख-समृद्धि और खुशहाली के इस पर्व को लेकर घरों और बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस बार दिवाली पर स्वाति नक्षत्र, आयुष्मान योग और तुला राशि में सूर्य, चंद्रमा व बुध की मौजूदगी से त्रिग्रही योग बन रहा है। इसे पूजा-पाठ, दीपदान और साधना के लिए विशेष शुभ माना जा रहा है।
मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। कारोबारी प्रतिष्ठानों में भी इस दिन बहीखातों की पूजा की जाती है।
दिवाली पर बन रहा त्रिग्रही योग
ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार, अमावस्या तिथि आठ नवंबर को सुबह 10:52 बजे शुरू होकर नौ नवंबर को सुबह 11:32 बजे तक रहेगी। दिवाली पर स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग के साथ तुला राशि में सूर्य, चंद्रमा और बुध का संचरण त्रिग्रही योग बना रहा है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, आयुष्मान योग को दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान दीपदान, लक्ष्मी-गणेश और कुबेर पूजन तथा मंत्र जाप करना शुभ माना गया है।
लक्ष्मी पूजन के चार शुभ मुहूर्त
आचार्य के अनुसार, 8 नवंबर को लक्ष्मी, गणेश और कुबेर पूजन के लिए चार विशेष मुहूर्त रहेंगे।
- दोपहर 1:26 से 2:57 बजे तक कुंभ लग्न।
- दोपहर 2:58 से शाम 4:25 बजे तक मीन लग्न।
- शाम 6:02 से रात 7:58 बजे तक वृष लग्न।
- रात 7:59 से 10:12 बजे तक मिथुन लग्न।
इन मुहूर्तों में श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पूजा कर सकते हैं।
कमलगट्टे की माला से करें मंत्र जाप
पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के मुताबिक, पूजा से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद चौकी पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। देवी-देवताओं को गंगाजल, रोली, अक्षत, मिठाई, फल और धूप अर्पित करें। घी के दीपक जलाकर लक्ष्मी स्तोत्र और श्रीसूक्त का पाठ करना शुभ माना जाता है।
आचार्य ने बताया कि मां लक्ष्मी की पूजा में कमलगट्टे का विशेष महत्व है। कमलगट्टे की माला से ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा है।
रात 12:30 से 2:43 बजे तक काली पूजा
दिवाली की रात मां काली की पूजा के लिए भी विशेष समय बताया गया है। ज्योतिर्विद आचार्य अविनाश राय के अनुसार, रात 12:30 से 2:43 बजे तक सिंह लग्न रहेगा। इसे मां काली की पूजा के लिए उत्तम समय माना गया है। इस दौरान महानिशा और तांत्रिक विधि से पूजा करने की परंपरा है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। News1 india इसकी पुष्टि नहीं करता है।














