बिहार के भोजपुर जिले में 14 साल के स्कूली छात्र मोहित राज की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मां पर बेटे की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, मां अपने प्रेम संबंध का विरोध करने वाले बेटे से नाराज थी। इसी के चलते उसने कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस ने मां मानती देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका प्रेमी संतोष कुमार सिंह और दो अन्य आरोपी फरार हैं।
मां के रिश्ते से था विवाद
यह मामला भोजपुर जिले के तरारी थाना क्षेत्र के दुर्गपुर गांव का है। पुलिस जांच के अनुसार, मानती देवी का गांव के ही संतोष कुमार सिंह के साथ प्रेम संबंध था। संतोष का महिला के घर आना-जाना भी था। मोहित को मां के इस रिश्ते की जानकारी थी और वह इसका विरोध करता था।
इसी बात को लेकर मां और बेटे के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस का दावा है कि मोहित का विरोध मानती देवी और उसके प्रेमी को पसंद नहीं था। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर उसकी हत्या की साजिश रची। आरोप है कि मां के इशारे पर संतोष ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
एटीएम से निकाले थे छह हजार
मोहित राज आठवीं कक्षा का छात्र था। 27 अक्टूबर की शाम वह करथ बाजार स्थित एटीएम बूथ से पैसे निकालने घर से निकला था। उसके पिता सत्येंद्र सिंह उर्फ अलगू के मुताबिक, मोहित ने एटीएम से छह हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद वह घर लौट रहा था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं पहुंचा।
परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन यानी 28 अक्टूबर की सुबह करथ गांव के बिरहर करहा के पास मोहित का शव बरामद हुआ। 14 साल के बच्चे की हत्या की खबर से गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी।
पिता ने जताई थी आशंका
मोहित के पिता सत्येंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में संतोष कुमार सिंह समेत तीन लोगों को नामजद किया था। उन्होंने बताया था कि संतोष का उनके घर आना-जाना था और उनका बेटा इसका विरोध करता था।
पिता ने यह भी आरोप लगाया था कि इसी विवाद के चलते संतोष की ओर से पहले मोहित को धमकी दी गई थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि बेटे की हत्या उसे रास्ते से हटाने के लिए की गई है।
फोन कॉल से खुला राज
पीरो के एसडीपीओ कन्हैया कुमार ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की। इसी दौरान परिवार के सदस्यों और संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसमें मां मानती देवी की भूमिका सामने आई।
तरारी थानाध्यक्ष पंकज कुमार के मुताबिक, मानती देवी और संतोष के बीच अक्सर 30 से 40 मिनट तक फोन पर बातचीत होती थी। पति के घर पर नहीं रहने के दौरान संतोष का महिला के घर आना-जाना भी था। पुलिस ने इन तथ्यों और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर साजिश की कड़ियां जोड़ीं।
प्रेमी समेत तीन आरोपी फरार
पुलिस ने मानती देवी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी संतोष कुमार सिंह और उसके साथ शामिल दो अन्य लोगों की तलाश जारी है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं।
एसडीपीओ कन्हैया कुमार के अनुसार, मामले में सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।






















