Sadhvi Prachi Statement: उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित राजेश्वर मेला-2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। सावन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कुछ प्रदर्शनकारी युवतियों पर टिप्पणी की, जिसके बाद उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
राजेश्वर महादेव मंदिर से निकली डोला यात्रा
रविवार शाम प्राचीन राजेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मेले का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं साध्वी प्राची ने भगवान राजेश्वर महादेव की डोला यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।
बेटियों के संस्कार पर दिया जोर
अपने संबोधन में साध्वी प्राची ने युवाओं, विशेषकर बेटियों को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए और सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा तथा व्यवहार अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, संस्कारों का असर व्यक्ति की सोच और भाषा दोनों पर दिखाई देता है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन का किया उल्लेख
भाषण के दौरान साध्वी प्राची ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कुछ युवतियों को लेकर विवादित टिप्पणी की और लोगों से उनकी तस्वीरें मोबाइल में सुरक्षित रखने जैसी बात कही। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने साध्वी प्राची के विचारों का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने उनकी टिप्पणी को अनुचित और विवादास्पद बताया। फिलहाल इस मामले में प्रदर्शनकारियों या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, इस बयान ने सार्वजनिक मंचों पर नेताओं की भाषा और राजनीतिक संवाद की मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।









