कैब बुकिंग पर अब लगेगा GST,रिपोर्ट में किराया बढ़ने और ड्राइवरों की कमाई घटने की आशंका

कैब बुकिंग पर प्रस्तावित 5% जीएसटी को लेकर एस्या सेंटर की रिपोर्ट में किराया बढ़ने और ड्राइवरों की कमाई घटने की आशंका जताई गई है। सर्वे में यात्रियों और ड्राइवरों दोनों ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की।

GST on Cab Booking: केंद्र सरकार एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत कैब बुकिंग पर जीएसटी कानून की धारा 9(5) के अंतर्गत 5 प्रतिशत टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर एस्या सेंटर की एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि इस कदम से यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है और ड्राइवरों की आय भी प्रभावित हो सकती है।

13 शहरों में हुआ सर्वे

रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ समेत देश के 13 शहरों में किए गए सर्वे में यह संकेत मिले हैं कि टैक्सी और ऑटो बुकिंग पर जीएसटी लागू होने से किराए में वृद्धि हो सकती है। सर्वे दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, कानपुर, मेरठ, लखीमपुर, रामपुर, शाहजहांपुर, मथुरा, औरैया और आगरा जैसे शहरों में किया गया। इसमें यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की राय शामिल की गई।

सब्सक्रिप्शन मॉडल को बताया बेहतर

एस्या सेंटर की डायरेक्टर मेघना बाल के मुताबिक, सब्सक्रिप्शन आधारित राइड-हेलिंग मॉडल में ड्राइवरों को अपनी आय का पहले से अनुमान रहता है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और यात्रियों को भी अपेक्षाकृत किफायती सेवाएं मिलती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर जीएसटी लागू करना कानूनी रूप से जटिल हो सकता है।

वित्त विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट

परिवहन चालक कामगार यूनियन के अध्यक्ष इस्माइल खान ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट को शासन के वित्त विभाग को भेजा जाएगा। उनका कहना है कि रिपोर्ट में सामने आए निष्कर्ष आम जनता और ड्राइवरों दोनों के हित से जुड़े हैं, इसलिए सरकार को इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए।

यात्रियों पर पड़ सकता है सीधा असर

सर्वे में शामिल 68 प्रतिशत यात्रियों ने कहा कि यदि किराया केवल 5 प्रतिशत भी बढ़ता है, तो वे ऐप आधारित कैब या ऑटो बुकिंग कम कर देंगे। रिपोर्ट के अनुसार इसका सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं, कम आय वर्ग के लोगों तथा देर रात या आपात स्थिति में यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।

ड्राइवरों ने भी जताई चिंता

करीब 60 प्रतिशत ड्राइवरों का मानना है कि जीएसटी लागू होने के बाद उनकी बुकिंग कम हो सकती है। वहीं 45 प्रतिशत ड्राइवरों को डर है कि किराया बढ़ने से नियमित ग्राहक दूर हो जाएंगे। इसके अलावा 40 प्रतिशत ड्राइवरों ने संकेत दिया कि वे ऐप आधारित सेवाएं छोड़कर सीधे सवारी बैठाने की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी संबंधी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।

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