Electric Scooter Conversion: अगर आपका पेट्रोल स्कूटर पुराना हो गया है, लेकिन आप उसे बदलना नहीं चाहते, तो उसे इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड में कन्वर्ट कराया जा सकता है। Green Tiger Mobility पुराने पेट्रोल स्कूटर को रेट्रोफिट करके इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड बनाने का काम करती है। कंपनी के मुताबिक, उसके कन्वर्जन सिस्टम को ARAI की मंजूरी मिली हुई है।
130 मानकों पर होती है स्कूटर की जांच
कन्वर्जन के लिए ग्राहक को अपना पुराना स्कूटर कंपनी के रेट्रोफिट सेंटर पर ले जाना होता है। बेंगलुरु के Bommanahalli स्थित सेंटर पर स्कूटर की करीब 130 अलग-अलग मानकों पर तकनीकी जांच की जाती है। इसके बाद वाहन की स्थिति और ग्राहक की जरूरत के अनुसार कन्वर्जन का विकल्प चुना जाता है।
कंपनी पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों मोड वाला बाई-मोड हाइब्रिड सिस्टम भी देती है। इसमें जरूरत के अनुसार बटन दबाकर दोनों मोड के बीच स्विच किया जा सकता है। इससे लंबी दूरी के दौरान बैटरी खत्म होने की चिंता कम हो सकती है।
पूरी तरह इलेक्ट्रिक भी बन सकता है स्कूटर
अगर ग्राहक पेट्रोल इंजन को पूरी तरह हटाना चाहता है, तो स्कूटर को फुल इलेक्ट्रिक में भी बदला जा सकता है। इसमें बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल होता है। कंपनी के अनुसार, इसे सामान्य 5-एम्पियर सॉकेट से भी चार्ज किया जा सकता है।
डिलीवरी राइडर्स के लिए स्वैपेबल बैटरी
ज्यादा दूरी तय करने वाले डिलीवरी राइडर्स के लिए कंपनी स्वैपेबल बैटरी सिस्टम का विकल्प भी देती है। रोजाना करीब 100-150 किलोमीटर चलने वाले राइडर खाली बैटरी को निकालकर चार्ज बैटरी लगा सकते हैं। इससे चार्जिंग के लिए कई घंटे इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है।
ARAI अप्रूवल क्यों है महत्वपूर्ण?
Green Tiger के मुताबिक, उसके रेट्रोफिट समाधान को ARAI से मंजूरी मिली है। हालांकि, कन्वर्जन के बाद वाहन को सड़क पर चलाने के लिए जरूरी दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन और स्थानीय नियमों का पालन करना भी आवश्यक होगा।
कंपनी का दावा है कि उसके इलेक्ट्रिक कन्वर्ट किए गए वाहनों ने अब तक 1.5 लाख किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की है। कंपनी के पास रेट्रोफिट और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीक से जुड़े छह स्वीकृत पेटेंट भी हैं।
