भारत की मंजिल चांद के बेहद नजदीक हैं आज भारत चांद पर तिरंगा फहराने के लिए तैयार खड़ा हैं और इस काम में योगदान देने वाले इसरो के वैज्ञानिको की जितनी तारिफ कि जाए उतनी बेहद कम है क्योकिं आज हमारे ख्वाब को हकिकत में बदलने का काम भारत के तामम वैज्ञानिको ने अपने कंधे पर ले रखा हैं लेकिन क्या आप जानते जहां एक ओर इस मिशन में यूपी का नाम भी सुर्खिया बटोर रहा हैं लखनऊ की रॉकेट वुमेन जो इस मिशन में को मेन लीड कर रही तो दूसरी ओर यूपी के फिरोजबाद के टिकरी गांव के धर्मेंद्र प्रताप यादव शामिल हैं. धर्मेंद्र प्रताप इसरो में वरिष्ठ वैज्ञानीक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वही बताते चले चंद्रयान मिशन में वो मुख्य कार्य कर रहे है जहां चंद्रयान से सिग्नल को प्राप्त करने का कार्यभार उनके हाथो में हैं चंद्रयान सॉफ्ट लेडिंग के साथ फिरोजबाद वासियो के लोगों के दिल में बेटे की जीत पर खुशी मनाने के लिए साथ खुद को गर्व महसूस करते हुई अपनी निगाहे चंद्रयान पर टिका कर रखी हैं… बात अगर धर्मेन्द्र की जाए तो टिकरी गांव से निकलकर इंजीनियरिग की पढ़ाई करने वाले साथ ही एपीजे अब्दुल कलाम के मार्ग दर्शन के बाद आज धरमेंन्द्र प्रताप यहां तक पहुंचे है दरअसल उनके पिता बताते है कि उनके बेटे नें इंटरमीडियट फिरोजाबाद से की और हिंदुस्तान कॉलेज से इंजीनियरिंग की. वहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आए थे. उन्होंने उसे कहा था कि तुम वैज्ञानिक बनो. उसे उनसे प्रेरणा मिली और वह वैज्ञानिक बना. आज वह इतने बड़े स्तर पर कम कर रहा है. पूरे गांव में बहुत खुशी है और कल जब चंद्रयान-3 स्थापित होगा तो हम पूरे गांव में मिठाई बाटेंगे.
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