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10 साल बाद जानकी को मिला मोती, लापता पति को देंख फूट-फूटकर रोने लगी पत्नी, देखें इमोशनल VIDEO

यूपी के बलिया जिले से भावुकता बढ़ाने और मानवीय संवेदना को जगाने वाला वीडियो सामने आया है। जरा सोचिए अगर आपको अपना कोई गुम हो जाए और वो सालों साल ना मिले फिर अचानक एक दिन ऐसा आए कि कई सालों की यह बिछड़न एक पल में खत्म हो जाए, तो खुशी के आंसू आना लाजमी है। कुछ ऐसा ही हुआ बलिया की रहने वाली एक महीला के साथ। जो अपने पति के इंतजार में पलके बिछाए बैठी थी और एक दिन अचानक उसका पति उसको मिल जाता हैं, जो 10 साल पहले घर से लापता हो गया था। लापता हुए जिस पति की पत्नी 10 सालों से इंतजार कर रही थी, वह अचानक जख्मी हाल में अस्पताल रोड में मिल जाएगा पत्नी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।

पत्नी के आंखों से छलके खुशी के आंसू

जब दस वर्षों बाद पति से नजरें मिली तो पत्नी के आंखों से खुशी के आंसू छलक गए और दौड़कर गले लगा लियाष बेटे को तो अपनी नजरों पर एक बार यकीन ही नहीं हुआ। बेटे ने पिता की फोटों मंगाने के बाद उनके चेहरे से मिलान किया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ उमड़ गई. पत्नी ने अपने बेटे के साथ अपने पति को रिक्शे में बैठाकर घर लेकर चली गई।

दरअसल, जनपद बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत देवकली का यह मामला दिल को छू जाने वाल है। आपको बताते चलें कि पति की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं है और वह किसी को पहचान भी नहीं पा रहे है। पत्नी ने पूरे भरोसे के साथ उन्हें पहचान लिया है। कहा यही मेरे देवता हैं। जिनका 10 सालों से इंतजार कर रही थी। लेकिन वहीं उसके बेटे को समझ नहीं आ रहा ता कि मां ऐसा क्यों कर रही हैं। महिला ने किसी की परवाह नहीं की और रुंधे गले से उस व्यक्ति से बातें करने लगी। कभी उसके बालों को संवारती तो कभी दुप्ट्टे से उसका अर्धनग्न शरीर ढंकती। वह व्यक्ति किसी को पहचान भी नहीं पा रहा था। बेटे ने पूछा तो मां ने जो बताया, उसे सुनकर सब स्तबध रह गए।

भावुक पल देख खड़े लोगों के आंखों से निकले आंसू 

महिला ने बताया कि यह भिखारी कोई और नहीं बल्कि उसका पति मोतीचंद वर्मा है। जो 10 वर्ष से लापता हैं। मां के साथ आए बेटा कभी बाप का चेहरा निहारता तो कभी मां का। यह भावुक पल देख वहां खड़े लोगों के आंखों से आंसू निकलने लगे। लोग भगवान के चमत्कार की बात कहते हुए धन्यवाद देने लगे। बलिया शहर से सटे सुखपुरा थाना के देवकली गांव निवासी मोतीचंद वर्मा दस वर्ष पहले लापता हो गए थे। उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। लिहाजा, घर छोड़ कर चले गए।

वहीं पत्नी जानकी देवी ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीन बेटों के साथ किसी तरह गुजर-बसर करने लगीं। शुक्रवार को जानकी देवी डॉक्टर से मिलने जिला अस्पताल पहुंची। इसी बीच 10 साल से बिछड़े पति पर नजर पड़ी तो वह रोने लगी। भावुक भरे क्षण में बेटा भी साथ आया और पिता को सहारा देकर साथ ले गया। यह वाकया जिसने भी देखा, वह भावुक हो गया। सबने जानकी को बधाई दी और कहा कि भिखारी जैसे हालत में पति को पहचानकर पास गई, यह काबिले तारीफ है। अबका समाज किसी को देखकर मुंह मोड़ लेता है।

बेटे करवाएंगे मोतीचंद का इलाज

बहरहाल, दस साल बाद मोतीचंद अपने परिवार से मिल गए। उनकी मानसिक हालत अब भी ठीक नहीं है, लेकिन पत्नी व बेटे का सहारा मिला तो खुशी-खुशी उठकर चल पड़े। अब बेटे उनका इलाज कराएंगे। बेटे का कहना था कि पिता का साया सिर पर नहीं था। मां ही सहारा थी। अब मां-बाप का साया रहेगा।

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