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लखनऊ में PUBG गेम के एडिक्ट शख्स ने माँ को उतारा मौत के घाट, नाबालिग बेटे को पुलिस ने हिरासत में लिया

लखनऊ: आज हम बात करेंगे गेम को लेकर, वो गेम जो अक्सर विवादों के घेरे में रहा है. जी हाँ हम बात कर रहे है PUBG की हालांकि केंद्र सरकार ने काफी समय पर इस गेम पर पाबंदी भी लगा रखी थी क्योंकि युवाओं के प्रति इस गेम को लेकर काफी ज्यादा रुझान देखा जा रहा था और युवाओं का जीवन इससे घातक होता दिखाई दे रहा था. वह अपना जीवन खराब कर रहे थे लेकिन इस गेम का सर्वर चेंज कर के इसकी वापसी दोबारा भारत देश में हुई, जिससे केंद्र सरकार को काफी ज्यादा मुनाफा होने लगा.

आज एक ऐसी ही भयानक वारदात लखनऊ में देखने को मिली है, जहाँ PUBG ना खेलने देने से नाराज 16 साल के बेटे ने अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी. साथ ही साथ घटना को देख कर डरी हुई 10 साल की छोटी बहन के साथ मां के शव को लेकर तीन दिन तक घर में रहा. शव सड़ने से बदबू फैली तो सेना में अधिकारी पिता को खुद फोन करके बताया कि मां की हत्या कर दी है. पिता की जानकारी पर मंगलवार रात पुलिस ने शव को बाहर निकाला और मामले की जांच में जुट गयी है. मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले नवीन कुमार सिंह सेना में जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर हैं। उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल में है। लखनऊ के पीजीआई इलाके में यमुनापुरम कॉलोनी में उनका मकान है। यहां उनकी पत्नी साधना अपने 16 साल के बेटे और 10 साल की बेटी के साथ रहती थीं। बेटे ने मंगलवार रात अपने पिता नवीन को वीडियो कॉल कर के बताया कि उसने मां की हत्या कर दी है। उसने पिता को शव भी दिखाया। नवीन ने एक रिश्तेदार को फोन करके तत्काल अपने घर भेजा। पुलिस पहुंची तो घर के अंदर के हालात देखकर दंग रह गई।

ADCP काशिम आब्दी के मुताबिक, बेटा मोबाइल पर गेम खेलने का आदी था, लेकिन साधना उसे गेम खेलने से रोकती थीं। शनिवार की रात भी उन्होंने बेटे को गेम खेलने से मना किया। बेटा इससे नाराज हो गया। रात करीब 2 बजे जब साधना गहरी नींद में थीं, उसने अलमारी से पिता की पिस्टल निकाली और मां की हत्या कर दी। इसके बाद बहन को डरा-धमकाकर उसी कमरे में बंद कर दिया।

पुलिस ने मंगलवार देर रात बाहर का गेट खोला तो घर के अंदर से बदबू आ रही थी। पुलिस वाले नाक पर रुमाल रखकर किसी तरह भीतर दाखिल हुए तो बेड पर साधना की सड़ी हुई लाश पड़ी थी वहीँ बगल में नवीन की लाइसेंसी पिस्टल मिली। पिस्टल की मैगजीन पूरी खाली थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बेटे ने मैगजीन की सभी गोलियां मां के ऊपर दाग दी। हालांकि, लाश सड़ जाने की वजह से शरीर पर गन शॉट दिखाई नही दे रहे थे। शव इतना सड़ चुका था कि चेहरा पहचान पाना मुश्किल था. इसी को जानने के लिए पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

उसी कमरे में सिसकियां लेती साधना की 10 साल की बेटी भी थी। पुलिस का दावा है कि बेटे ने बहन के सामने मां को गोली मारी। इससे वो इतनी दहशत में आ गई कि भाई के कहने पर मां की लाश के साथ ही सोती रही।

यह फोटो मृतक साधना की है

अब मामला दूसरी ओर रुख करता हुआ दिखाई देता है क्योकि पुलिस का यह भी कहना है कि अक्टूबर में बेटे का जन्मदिन था, बर्थडे की उसी रात बेटे ने मां की कोई ऐसी शिकायत पापा से की, जिसे लेकर दोनों में बहुत विवाद हुआ। इसके बाद से साधना लगातार बेटे को प्रताड़ित कर रही थी। आपको बता दे की घटना से दो दिन पहले 10 हजार रुपए चुराने का आरोप लगाकर बेटे की बेतहाशा पिटाई भी की गयी थी।

पुलिस का कहना है कि बेटे को मां की किसी आदत से बेहद नफरत थी। इसकी उसने पापा से कई बार शिकायत की। बावजूद इसके मां की हरकत में बदलाव नहीं आया। इसी हरकत से तंग आकर एक साल पहले वो घर छोड़कर भाग गया था। वह हरकत क्या थी, इस पर पुलिस ने हालांकि कोई बात नहीं बताई है। फिलहाल पुलिस ने बेटे को अपने संरक्षण में लेकर 10 साल की बेटी को नवीन के भाई के यहाँ छोड़ दिया है।

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