RCB के खिलाफ मिली हार के बाद कई फैंस के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या गुजरात टाइटंस अब टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। इसका जवाब है नहीं। गुजरात के पास अभी भी फाइनल में पहुंचने का मौका बाकी है। अब टीम दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में खेलेगी। इस मैच में गुजरात का सामना एलिमिनेटर जीतने वाली टीम से होगा। अगर गुजरात यह मुकाबला जीत जाती है, तो टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी।
हालांकि RCB के खिलाफ मिली हार ने टीम की कई कमजोरियों को सामने ला दिया। आइए जानते हैं गुजरात की हार के तीन सबसे बड़े कारण।
पहला कारण, टॉस जीतकर गलत फैसला
मैच में गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लेकिन यह फैसला टीम पर भारी पड़ गया। पिच बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार थी, लेकिन गुजरात की टीम इसे सही तरीके से समझ नहीं पाई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी RCB ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया।
बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 254 रन बना दिए। यह IPL प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया। इतने बड़े लक्ष्य के दबाव में गुजरात की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई।
दूसरा कारण, रजत पाटीदार का कैच छूटना
गुजरात की हार का दूसरा बड़ा कारण RCB कप्तान रजत पाटीदार का आसान कैच छोड़ना रहा। जब पाटीदार सिर्फ 20 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर कगिसो रबाडा ने उनका कैच छोड़ दिया। उस समय RCB का स्कोर 3 विकेट पर 134 रन था।
अगर यह कैच पकड़ लिया जाता, तो मैच का रुख बदल सकता था। लेकिन जीवनदान मिलने के बाद पाटीदार ने विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 5 चौके और 9 लंबे छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 281 से ज्यादा का रहा। पाटीदार की इस पारी ने गुजरात के गेंदबाजों पर पूरी तरह दबाव बना दिया।
तीसरा कारण, बेहद खराब गेंदबाजी
पूरे मैच में गुजरात की गेंदबाजी कमजोर नजर आई। टीम के मुख्य गेंदबाज मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा काफी महंगे साबित हुए। सिराज ने 3 ओवर में 46 रन दिए, जबकि रबाडा ने 4 ओवर में 54 रन खर्च किए। हालांकि रबाडा को 2 विकेट मिले, लेकिन वे रन रोकने में सफल नहीं रहे। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने 53 रन, कुलवंत खेजरोलिया ने 31 रन, जेसन होल्डर ने 39 रन और राशिद खान ने 29 रन दिए। कोई भी गेंदबाज RCB के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाया।
यही वजह रही कि गुजरात को इतना बड़ा लक्ष्य मिला, जिसे हासिल करना टीम के लिए मुश्किल हो गया।








