India A Penalty Controversy: भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए मुकाबले में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने मैच का रुख बदल दिया। भारतीय बल्लेबाजों को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया। इसके बाद अंपायरों ने सख्त कदम उठाते हुए टीम पर पेनल्टी लगा दी। इस फैसले के कारण भारत ए को कुल 10 रन का नुकसान उठाना पड़ा, जो बाद में काफी भारी साबित हुआ।
आखिर पेनल्टी क्यों लगी?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार बल्लेबाजों को रन लेते समय पिच के बीच वाले सुरक्षित हिस्से पर दौड़ने की अनुमति नहीं होती। एमसीसी के नियम 41.14 के तहत खिलाड़ियों को पिच के किनारों से दौड़ना होता है। यदि कोई बल्लेबाज बार-बार इस नियम का उल्लंघन करता है, तो अंपायर पेनल्टी लगाने का अधिकार रखते हैं।
इस नियम के पीछे एक महत्वपूर्ण वजह भी है। खिलाड़ियों के जूतों में लगे स्पाइक्स पिच को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर पिच के बीच में लगातार दौड़ा जाए तो वहां गड्ढे और खुरदरे हिस्से बन सकते हैं। इससे बाद में गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों को अतिरिक्त मदद मिल सकती है। इसलिए इस हिस्से की सुरक्षा के लिए यह नियम बनाया गया है।
पहली चेतावनी कब मिली?
भारतीय पारी के 33वें ओवर में ऑलराउंडर अनुकूल रॉय रन लेते समय गलती से पिच के बीच वाले हिस्से में दौड़ गए। इसके बाद अंपायरों ने उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी। नियम के अनुसार यह चेतावनी सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए मानी जाती है। यानी इसके बाद यदि कोई भी भारतीय बल्लेबाज यही गलती करता, तो सीधे पेनल्टी लगती।
दो बार लगा जुर्माना
अनुकूल रॉय के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए विपराज निगम ने 35वें ओवर में वही गलती दोहरा दी। उन्होंने भी पिच के सुरक्षित हिस्से पर दौड़ लगा दी। अंपायरों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारत ए पर 5 रन की पेनल्टी लगा दी।
इसके सिर्फ दो ओवर बाद, 37वें ओवर में विपराज निगम फिर से उसी क्षेत्र में दौड़ पड़े। इस बार वह रन लेने के बाद वापस क्रीज में लौट रहे थे। अंपायरों ने दूसरी बार भी 5 रन की पेनल्टी दे दी। इस तरह भारत ए को कुल 10 रन का नुकसान हुआ और ये रन सीधे श्रीलंका ए के खाते में जोड़ दिए गए।
रणनीति उलटी पड़ गई
कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पिच को खुरदरा बनाने की कोशिश भारतीय खिलाड़ियों की रणनीति का हिस्सा हो सकती थी, ताकि बाद में स्पिन गेंदबाजों को फायदा मिले। हालांकि इससे कितना लाभ हुआ, यह अलग बहस का विषय है। लेकिन इतना जरूर है कि 10 रन की पेनल्टी टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुई।
अगर भारत ए को यह 10 रन नहीं गंवाने पड़ते, तो श्रीलंका ए को जीत के लिए अतिरिक्त रन बनाने पड़ते और मुकाबला शायद सुपर ओवर तक नहीं पहुंचता। इस तरह नियमों की अनदेखी टीम पर भारी पड़ गई।
