India vs England 3rd ODI: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में टीम इंडिया को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम के हाथ से सीरीज भी निकल गई। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की और एक समय ऐसा लग रहा था कि वह 388 रन के मुश्किल लक्ष्य को हासिल कर लेगी। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों के लगातार विकेट गिरने के बाद टीम 360 रन पर सिमट गई और 27 रन से मुकाबला गंवा बैठी।
गिल और रोहित ने दी शानदार शुरुआत, 147 रन की साझेदारी
388 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 24.2 ओवर में 147 रन जोड़कर भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। शुभमन गिल ने 84 गेंदों पर 77 रन की पारी खेली, जिसमें 10 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनके आउट होने के बाद रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर एक और शतकीय साझेदारी की। खास बात यह रही कि दोनों इस मुकाबले में एक साथ अपना 400वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे और इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने 21वीं बार शतकीय साझेदारी की।
रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स पर रचा इतिहास, लेकिन पारी नहीं आई काम
भारत के 260 रन के स्कोर पर 39वें ओवर में रोहित शर्मा के रूप में टीम को दूसरा झटका लगा। हालांकि, आउट होने से पहले रोहित ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों पर 138 रन बनाए। उनकी पारी में 17 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। रोहित की इस शानदार पारी ने भारत को जीत की स्थिति में पहुंचा दिया था। इसके साथ ही उन्होंने लॉर्ड्स के मैदान पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की। वह इस प्रतिष्ठित मैदान पर वनडे में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। लेकिन उनकी इस यादगार पारी के बावजूद टीम इंडिया लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और आखिरकार 27 रन से मुकाबला हार गई।
नंबर-4 पर श्रेयस अय्यर को नहीं भेजना पड़ा भारी
भारत की हार के बाद टीम मैनेजमेंट के एक फैसले पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद नंबर-4 पर नियमित बल्लेबाज श्रेयस अय्यर की जगह ईशान किशन को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। ईशान इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और 12 गेंदों पर सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। श्रेयस अय्यर लंबे समय से वनडे में नंबर-4 की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं, लेकिन सीरीज के दूसरे और तीसरे मुकाबले में इस स्थान पर ईशान किशन को आजमाया गया। दोनों मैचों में ईशान उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। ऐसे में निर्णायक मुकाबले में भी इस प्रयोग को जारी रखने का फैसला सवालों के घेरे में आ गया है। माना जा रहा है कि अगर अय्यर को उस समय बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था।
कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने पर भी सवाल
भारत की हार का एक और बड़ा कारण टीम में अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव की गैरमौजूदगी को माना जा रहा है। इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया और बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही टीम पर दबाव बनाए रखा। यहां तक कि पार्ट टाइम स्पिनर जैकब बेथेल भी भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें पैदा करने में सफल रहे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब इंग्लैंड के स्पिनर्स को पिच से मदद मिल रही थी, तब भारत ने कुलदीप यादव जैसे अनुभवी गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन में क्यों शामिल नहीं किया। कुलदीप अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते थे और शायद भारत को शुरुआती विकेट भी दिला सकते थे।
रोहित की ऐतिहासिक पारी के बावजूद हाथ से निकला मैच
लॉर्ड्स में मिली हार ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को निराश कर दिया। भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय मजबूत स्थिति में था और रोहित शर्मा की शानदार पारी ने जीत की उम्मीदें भी बढ़ा दी थीं। लेकिन उनके आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। बल्लेबाजी क्रम में बदलाव और कुलदीप यादव को बाहर रखने जैसे फैसलों ने भी टीम की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए। इंग्लैंड ने अपने स्पिन गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और आखिरकार 27 रन से जीत दर्ज कर वनडे सीरीज अपने नाम कर ली। दूसरी ओर, भारत के लिए रोहित शर्मा की 138 रन की ऐतिहासिक पारी इस हार में भी सबसे बड़ी सकारात्मक बात बनकर सामने आई।
