Ashok Kharat case investigation:खुद को ‘गॉडमैन’ बताने वाले Ashok Kharat के खिलाफ चल रही जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। विशेष जांच टीम (SIT) को जांच के दौरान करीब 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति और लगभग 100 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इस जानकारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मामले की जांच में कई एजेंसियां शामिल
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में Nashik Police और आयकर विभाग भी शामिल हो गए हैं। आयकर विभाग जहां संपत्ति और पैसों के लेनदेन की जांच कर रहा है, वहीं साइबर पुलिस वीडियो से जुड़े सबूतों की जांच में लगी है।
गिरफ्तारी और गंभीर आरोप
Ashok Kharat को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। वह महाराष्ट्र के Nashik district के सिन्नर इलाके में एक मंदिर ट्रस्ट चलाता था। उसके खिलाफ एक 35 साल की महिला ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन साल से उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया।इतना ही नहीं, उसके खिलाफ दो और मामले भी दर्ज किए गए हैं।
एक मामले में सात महीने की गर्भवती महिला के साथ यौन शोषण का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में एक महिला को दोबारा शादी का झांसा देकर उसका शोषण करने की बात सामने आई है।
डिजिटल और वित्तीय जांच तेज
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, SIT को जांच के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं, जिनमें 100 आपत्तिजनक वीडियो शामिल हैं। इसके अलावा, करीब 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति का भी पता चला है। आयकर विभाग अब खरात और उससे जुड़े लोगों की संपत्ति और पैसों की जांच कर रहा है। वहीं, साइबर टीम इन वीडियो की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें और कौन-कौन शामिल है। इस पूरे मामले में डिजिटल फॉरेंसिक की मदद भी ली जा रही है।
SIT टीम कर रही गहन जांच
इस पूरे मामले की जांच IPS अधिकारी Tejaswini Satpute के नेतृत्व में SIT कर रही है। टीम अब तक दर्ज छह मामलों की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो सामने आकर बताएं।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि जानकारी देने वालों और पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि कोई भी डर के बिना अपनी बात रख सके।
उच्च स्तर पर हो रही निगरानी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पर कड़ी नजर रखी जा रही है। Sadanand Date और राज्य सरकार खुद इस पूरे केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जांच टीम में क्राइम ब्रांच के 5 से 10 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी हैं, ताकि पीड़ितों के बयान सही तरीके से दर्ज किए जा सकें।








