राजस्थान में बैन हुई दवाएं :क्या यह कदम लोगों को सुरक्षित रख पाएगा ?

राजस्थान में नकली और खराब दवाओं पर बहुत बड़ी कार्रवाई हुई है। ड्रग विभाग ने 7 कंपनियों की 9 दवाओं पर रोक लगाई है। इनमें खून पतला करने वाले इंजेक्शन और mental health की दवाएं शामिल हैं।

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Health News-राजस्थान में खराब और नकली दवाओं का मामला सामने आया है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने 7 कंपनियों की 9 दवाओं पर रोक लगा दी है। इनमें खून पतला करने वाले इंजेक्शन, मानसिक स्वास्थ्य की दवाएं, खांसी-जुकाम और कैल्शियम सप्लीमेंट शामिल हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल अब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जा रहा है।

कौन-कौन सी दवाएं बैन की गईं?

एविल इंजेक्शन

मानसिक रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली यह दवा घटिया गुणवत्ता की पाई गई।कैल्शियम सप्लीमेंट

कैल्शियम कार्बोनेट और विटामिन डी-3 वाली ये गोलियां खराब मानी गईं।

सुपाटेल-टिरियो

हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के इलाज के लिए दी जाने वाली दवा मानक पर खरी नहीं उतरी।

अल्पोजलम टैबलेट

मानसिक तनाव कम करने के लिए दी जाने वाली यह दवा भी बहुत घटिया क्वालिटी की निकली।

निमोस्लाइड

पेरासिटामोल टैबलेट
बुखार और दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली यह दवा भी सुरक्षित नहीं मानी गई।

एलसीमास्क-एम

खांसी और एलर्जी के इलाज के लिए दी जाने वाली यह दवा भी खराब पाई गई।

हेपारिन सोडियम इंजेक्शन

खून पतला करने वाला यह इंजेक्शन भी अब बैन हो चुका है।

संक्रमण के इलाज का इंजेक्शन सल्फामैथोक्साजोल और ट्राइमेथोप्रिम का यह इंजेक्शन मानक से कम पाया गया।

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क्या है नकली या घटिया दवाओं का मतलब?

ऐसी दवाएं जिनकी गुणवत्ता तय मानकों पर खरी नहीं उतरती, उन्हें अमानक माना जाता है। इनका इस्तेमाल करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। कई बार ऐसी दवाएं जानलेवा भी साबित हो जाती हैं।

ड्रग कंट्रोल विभाग की सख्त कार्रवाई

ड्रग कंट्रोलर अजय पाठक और राजाराम शर्मा ने इन दवाओं को तुरंत बाजार से हटाने का आदेश दिया है। जांच में पाया गया कि ये दवाएं तय मानकों पर खरी नहीं उतर रहीं।

लोगों को दवा खरीदते वक्त इन बातों का ध्यान रखना चाहिए

दवाओं की जांच करें

हमेशा दवा का बैच नंबर और निर्माता का नाम जांचें।

सिर्फ भरोसेमंद फार्मेसी से खरीदें

लाइसेंसी और भरोसेमंद दुकानों से ही दवाइयां लें।

संदिग्ध दवाओं का इस्तेमाल न करें

अगर आपकी दवा इस लिस्ट में शामिल है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें

किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत डॉक्टर से राय लें।

नकली दवाओं से बचने के आसान तरीके

दवा की रसीद जरूर लें।

पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट ध्यान से देखें।

डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें। लोगों को सतर्क रहकर, भरोसेमंद फार्मेसी से ही दवाएं खरीदनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।

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