Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां महज 7 साल के एक बच्चे ने जम्मू जाने से रोकने पर अपने दिव्यांग पिता पर गड़ासे से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्चे ने घर के बाहर सो रहे पिता के सिर और चेहरे पर लगातार करीब 10 वार किए। हमले में पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने बच्चे को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जम्मू जाने की जिद
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित किशन के दो बेटे हैं। बच्चों की मां के घर छोड़कर चले जाने के बाद बड़ा बेटा, जिसकी उम्र करीब 12 साल है, जम्मू में अपने चाचा-चाची के साथ रहता है। वहीं 7 साल का छोटा बेटा अपने दिव्यांग पिता के साथ गांव में रहता है। हाल ही में बच्चे के चाचा-चाची और उसका बड़ा भाई गांव आए थे। रविवार को जब वे वापस जम्मू लौटने की तैयारी कर रहे थे, तो छोटा बेटा भी उनके साथ जाने की जिद करने लगा। चाची के कहने पर वह अपने पिता से अनुमति लेने पहुंचा और जम्मू जाने की इच्छा जताई।
पिता से हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि दिव्यांग पिता ने बेटे को जम्मू जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि गुस्से में पिता ने बच्चे को दोबारा जम्मू जाने की बात करने पर गड़ासे से काटने की धमकी दे दी। इसके बाद पिता घर के बाहर एक पेड़ के नीचे चारपाई पर जाकर सो गए। दूसरी ओर, बच्चा भी इस घटना के बाद शांत नहीं हुआ। कुछ देर बाद वह घर के अंदर गया और वहां से भारी गड़ासा उठाकर बाहर ले आया।
सोते पिता पर हमला
पुलिस के मुताबिक, बच्चे ने सो रहे पिता पर गड़ासे से लगातार कई वार किए। बताया जा रहा है कि उसने पिता के सिर और चेहरे को निशाना बनाते हुए करीब 10 बार हमला किया। पिता की चीख-पुकार सुनकर घर के अंदर मौजूद परिजन और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने किशन को खून से लथपथ हालत में देखा। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पूछताछ में चौंकाने वाली बात
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान बच्चे ने कथित तौर पर बिना किसी झिझक के पुलिस को पूरी घटना के बारे में बताया। उसने कहा कि वह जम्मू जाना चाहता था, लेकिन पिता उसे जाने नहीं दे रहे थे। बच्चे के मुताबिक, चाची ने पहले ही उसे बताया था कि पिता गुस्सा करेंगे। जब उसने पिता से जाने की बात कही तो उन्होंने उसे गड़ासे से काटने की धमकी दी। इसके बाद बच्चे ने घर के अंदर जाकर गड़ासा उठाया और सो रहे पिता पर हमला कर दिया।
बाल मनोविज्ञान पर जांच
घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। महज 7 साल की उम्र में बच्चे द्वारा कथित तौर पर इस तरह का हिंसक कदम उठाने के पीछे की वजह और उसकी मानसिक स्थिति को समझना अब जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और बच्चे की उम्र को ध्यान में रखते हुए बाल मनोविज्ञान तथा किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय बच्चे की मानसिक स्थिति क्या थी और पारिवारिक परिस्थितियों का उस पर कितना असर पड़ा।








