Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल का मामला इस समय देश के सबसे चर्चित मामलों में गिना जा रहा है। जो कहानी एक खुशहाल शादी की तैयारी से शुरू हुई थी, वह अब कथित हत्या की साजिश और कई चौंकाने वाले आरोपों तक पहुंच गई है। पुलिस का दावा है कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं थी, बल्कि पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी।
पुराने पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा था संबंध
बताया जा रहा है कि केतन अग्रवाल और सिया गोयल दोनों ही प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों से आते हैं। दोनों परिवार करीब 35 साल से एक-दूसरे को जानते थे। इसी पुराने रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए केतन के मामा ने दोनों की शादी तय कराई थी। फरवरी 2026 में दोनों की सगाई हुई और परिवार के लोग इस रिश्ते से काफी खुश थे।
परिवार को नहीं हुआ किसी बात का शक
सगाई के बाद सिया परिवार के साथ घुल-मिल गई थी। वह केतन की मां के साथ खरीदारी करने जाती थी और परिवार के अन्य लोगों से भी अच्छे संबंध रखती थी। ऐसे में किसी को यह अंदाजा नहीं था कि उसके निजी जीवन में कुछ और भी चल रहा है।
कथित प्रेम संबंध की बात आई सामने
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले तीन साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों कारोबार के सिलसिले में मिले थे और बाद में उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी दौरान सिया की शादी केतन से तय हो गई, जिसके बाद हालात बदलने लगे।
लोहागढ़ किले में हुई मौत
पुलिस के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर ले जाया गया था। आरोप है कि वहां 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर उनकी हत्या की गई। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया, लेकिन बाद में कुछ बयानों और परिस्थितियों ने मामले को नया मोड़ दे दिया। इसके बाद पुलिस ने जांच को फिर से शुरू किया।
आरोपी पक्ष ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर चेतन चौधरी के परिवार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। चेतन के चाचा का कहना है कि उनका भतीजा निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि चेतन का सिया से कोई प्रेम संबंध नहीं था और सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।
अब भी अनसुलझे हैं कई सवाल
इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब अभी तक नहीं मिला है। क्या कथित साजिश में केवल दो लोग शामिल थे या कोई और भी था? हत्या के पीछे असली वजह क्या थी? लोहागढ़ किला ही क्यों चुना गया? क्या परिवारों को पहले से किसी तनाव की जानकारी थी? क्या सोशल मीडिया पर दिखने वाला रिश्ता वास्तविक था या सिर्फ दिखावा?
जांच पर टिकी सबकी नजर
पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के बाद किसी तरह के सबूत मिटाने या जांच को भटकाने का प्रयास किया गया था या नहीं। फिलहाल इस केस से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठना अभी बाकी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।







