Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सिया गोयल शादी नहीं करना चाहती थी, तो उसने सीधे मना करने के बजाय कथित तौर पर इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ, डिजिटल रिकॉर्ड और दूसरे सबूतों के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, सिया शादी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थी। वह अपने लिए और समय चाहती थी, लेकिन परिवार की ओर से शादी को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
पुरानी पारिवारिक पहचान बनी रिश्ते की वजह
पुलिस के मुताबिक, केतन और सिया के परिवार पिछले करीब 35 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों परिवार पुणे के प्रतिष्ठित और आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों में गिने जाते हैं। बताया जा रहा है कि सिया की बुआ ने दोनों का रिश्ता तय कराया था। सिया की उम्र करीब 20 वर्ष थी, जबकि केतन उससे पांच साल बड़े थे। केतन के परिवार का दावा है कि शुरुआत में उन्होंने इस रिश्ते को लेकर सहमति नहीं दी थी। हालांकि, दोनों परिवारों के पुराने संबंधों को देखते हुए बाद में वे इस शादी के लिए तैयार हो गए।
शादी जल्दी कराने की थी तैयारी
केतन के परिवार का आरोप है कि सिया का परिवार शादी जल्द से जल्द करवाना चाहता था। परिवार का कहना है कि उन्हें बाद में महसूस हुआ कि शायद इसके पीछे कोई और वजह भी हो सकती थी। परिजनों का दावा है कि सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी परिवार को पहले से हो सकती थी। इसी कारण शादी जल्दी कराने की कोशिश की गई। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
शादी टालने की कोशिश भी की थी
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि सिया ने पहले शादी की तारीख आगे बढ़ाने की इच्छा जताई थी। उसने कथित तौर पर कहा था कि शादी को एक साल के लिए टाला जा सकता है या नहीं। दोनों की सगाई फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर के एक पैलेस में शादी की योजना बनाई गई थी। पुलिस का दावा है कि जब सिया को लगा कि शादी टालना संभव नहीं होगा, तब उसने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर योजना बनाई।
भागने की बात भी हुई थी
जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में यह भी पता चला कि सिया और चेतन ने साथ भाग जाने के विकल्प पर भी चर्चा की थी। लेकिन सिया इसके लिए तैयार नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि वह परिवार की बदनामी नहीं चाहती थी।
कैसे खुला पूरा मामला?
26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले में एक गहरी खाई में गिरने से हुई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था, क्योंकि सिया ने बताया था कि ट्रैकिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया था।
लेकिन जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज ने कहानी बदल दी। पुलिस के अनुसार, फुटेज में एक व्यक्ति हुडी पहनकर केतन और सिया के पीछे चलता दिखाई दिया। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई। गर्म मौसम में भी हुडी पहनना जांचकर्ताओं को संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और कई ऐसे सबूत जुटाए, जिनके आधार पर अब मामले को हत्या की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़कर अंतिम सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
