Local Train Murder update: क्या बहस बनी युवक की हत्या की वजह, चंद घंटों में आरोपी गिरफ़्तार, शर्ट का एक लोगो कैसे बना अहम सुराग

लोकल ट्रेन में दरवाजा बंद करने को लेकर हुए विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। 400 सीसीटीवी फुटेज और आरोपी की शर्ट पर बने लोगो की मदद से पुलिस ने कुछ घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया।

Local Train Murder Case: लोकल ट्रेन में दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने कुछ ही मिनटों में खौफनाक रूप ले लिया। गुस्से में आए आरोपी ने अपने बैग से चाकू निकाला और 22 वर्षीय मयंक लोहार पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मयंक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ट्रेन रुकने से पहले ही प्लेटफॉर्म पर कूदकर भाग निकला।

पुलिस ने तेजी से शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। घायल युवक को तुरंत अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। यह मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया। सोशल मीडिया पर भी घटना की खूब चर्चा हुई। साथ ही लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि स्टेशन पर बैग की जांच के दौरान आरोपी के पास मौजूद चाकू कैसे पकड़ में नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

शर्ट का लोगो बना सबसे बड़ा सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। इसी बीच एक फुटेज में आरोपी की शर्ट पर एक कार्गो कंपनी का लोगो दिखाई दिया। यही छोटा-सा सुराग पूरे मामले को सुलझाने में सबसे अहम साबित हुआ। कंपनी की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान रोशन सुवर्णा के रूप में की, जो मीरा भयंदर का रहने वाला है। इसके बाद पुलिस ने उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर जुटाया। आखिरकार उसे पनवेल से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास मंगलुरु जाने का टिकट भी मिला, जिससे अंदाजा लगाया गया कि वह शहर छोड़कर भागने की तैयारी में था।

वारदात के बाद क्या किया आरोपी ने?

पुलिस के मुताबिक, रोशन सुवर्णा मंगलवार देर शाम शराब पीने के बाद अंधेरी स्टेशन से चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के प्रथम श्रेणी डिब्बे में चढ़ा था। तेज बारिश के बीच ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर उसकी मयंक लोहार से बहस हो गई। इसी दौरान उसने गुस्से में चाकू निकालकर मयंक के पेट में वार कर दिया। बोरीवली स्टेशन पहुंचते ही आरोपी प्लेटफॉर्म नंबर छह पर कूदकर भाग गया। वहां से उसने ऑटो लिया और मीरा रोड स्थित अपने घर पहुंचा। घर जाकर उसने कपड़े बदले, नहाया और परिवार वालों से कहा कि वह जल्द लौट आएगा। इसके बाद टैक्सी से पनवेल चला गया, जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

परिवार ने कड़ी सजा की मांग की

मयंक लोहार की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे और गुस्से में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक के बड़े भाई मेहुल लोहार ने आरोपी के लिए फांसी या एनकाउंटर जैसी कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने चाकू किस मकसद से खरीदा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने सबसे पहले पुलिस से पूछा कि जिस युवक पर उसने हमला किया था, वह जिंदा है या नहीं। पुलिस ने उसे बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

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