भाई की मौत के दुख के बीच नया बवाल क्यों है राजा रघुवंशी की बहन सोशल मीडिया पर विवादों में

राजा रघुवंशी की मौत के बाद उनकी बहन सृष्टि की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। प्रमोशनल पोस्ट्स को लेकर उन पर भावनात्मक शोषण और दिखावे का आरोप लगाया जा रहा है।

srishti raghuvanshi social media backlash after raja raghuvanshi death controversy

Raja Raghuvanshi’s Sister Faces Social Media Backlash,सोशल मीडिया पर अक्सर भावनाएं खुलकर सामने आती हैं। कोई अपने दुख और दर्द को शब्दों में बयां करता है, तो कोई इसी मौके को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता नजर आता है। ऐसा ही मामला सामने आया है राजा रघुवंशी की मौत के बाद, जहां उनकी बहन सृष्टि रघुवंशी की सोशल मीडिया एक्टिविटी ने लोगों को हैरान कर दिया है।

सृष्टि की पोस्ट पर लोगों का गुस्सा

राजा रघुवंशी के निधन के बाद सृष्टि ने इंस्टाग्राम पर कई भावुक पोस्ट और वीडियो शेयर किए। कभी वह अपने भाई की शादी की क्लिप्स डालती दिखीं, तो कभी अपने स्पा और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का प्रचार करती नजर आईं। इसी विरोधाभास को लेकर लोग भड़क उठे।

एक यूजर ‘गब्बर’ ने सृष्टि की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा,

“एक तरफ भाई की यादों से लाइक ले रही हैं, दूसरी ओर ब्यूटी पार्लर का एड चला रही हैं। ये सब बहुत गलत लग रहा है।”

इस तरह की प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगीं, और सृष्टि ट्रोलिंग का शिकार बन गईं।

 

https://x.com/GabbbarSingh/status/1932063158442877243?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1932063158442877243%7Ctwgr%5E57ade8874316e9281703f9b8102d3f825739f1be%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F

दुख और प्रमोशन साथ-साथ?

कुछ लोग कह रहे हैं कि किसी की मौत को पब्लिसिटी का जरिया बनाना बहुत ही अमानवीय है। अगर सृष्टि सच में अपने भाई की याद में दुखी होतीं, तो वह इस वक्त प्रमोशनल पोस्ट्स नहीं करतीं। कई लोगों का मानना है कि यह एक इमोशनल एक्सप्लॉइटेशन (भावनाओं का शोषण) है और इसे रोका जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

लोग यह पूछ रहे हैं कि क्या वाकई सृष्टि अपने भाई को श्रद्धांजलि दे रही हैं या फिर उनके नाम और याद को व्यूज़ और फॉलोअर्स बढ़ाने का एक जरिया बना रही हैं। बहुत से यूजर्स ने यह भी कहा कि ऐसे वक्त में व्यक्ति को पब्लिक पोस्ट की बजाय निजता में रहना चाहिए। यह समय किसी के दुख को बेचने का नहीं होता।

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