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thoothukudi Horror Case: 75 दिनों में मिला इंसाफ, छात्रा से दरिंदगी रेप और हत्या मामले में मुजरिम को मिली दोहरी फांसी की सजा

तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में 17 साल की छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। POCSO कोर्ट ने आरोपी धर्मा मुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा दी है। इस फैसले के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है। यह घटना एक दूरदराज गांव की है। बताया गया कि नाबालिग लड़की रात में शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने रास्ते में उसे रोक लिया। आरोप है कि उसने पहले लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया था।

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

शुरुआत में पुलिस के पास कोई मजबूत सुराग नहीं था। आरोपी की पहचान करना आसान नहीं था। इसके बाद जांच टीम ने गांव और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस ने करीब 1000 घंटे की रिकॉर्डिंग देखी। इसी दौरान एक विंडमिल परिसर में लगे कैमरे में आरोपी की हरकतें नजर आईं। फुटेज में वह घटना से कुछ घंटे पहले गांव में आता दिखाई दिया। अगली सुबह वह गांव से बाहर निकलते हुए भी कैमरे में कैद हुआ। इसी सुराग ने पूरे केस की दिशा बदल दी।

फुटेज में धर्ममुनीश्वरन 10 मार्च को दोपहर लगभग 2:30 बजे गांव में प्रवेश करते दिखा। यह वारदात से करीब 4 घंटे पहले का समय था। इसके बाद वह 11 मार्च को सुबह 6:30 बजे गांव से बाहर निकलते भी देखा गया। पुलिस ने चेक वाली शर्ट के आधार पर उसकी पहचान की और फिर उसकी मूवमेंट पर नजर रखी।

कपड़ों और डीएनए से मिला सबूत

पुलिस ने आरोपी की पहचान उसके कपड़ों और गतिविधियों के आधार पर की। जांच के दौरान आरोपी की शर्ट पर खून के निशान मिले। लैब जांच में यह खून पीड़िता का निकला। इसके अलावा डीएनए रिपोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत दिए। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सिर्फ 21 दिनों के अंदर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से इलाके की रेकी कर रहा था और उसने पूरी वारदात की योजना बना रखी थी।

75 दिनों में पूरा हुआ ट्रायल

इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक तरीके से की गई। अदालत में 71 गवाहों से पूछताछ हुई। सभी सबूतों और गवाहों को देखने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म और हत्या का दोषी माना। सुनवाई पूरी होने के 75 दिनों के भीतर अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोहरी फांसी की सजा दी।

यह फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इतने गंभीर मामले में बहुत कम समय के अंदर पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है।

मुख्यमंत्री ने फैसले का किया स्वागत

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने इस तेज जांच और जल्द सुनाए गए फैसले को न्याय व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

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