Akhilesh Yadav support Mamata Banerjee: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस उच्च-स्तरीय बैठक के बाद अखिलेश ने ममता बनर्जी के साहस की जमकर सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में केवल ‘दीदी’ ही वह नेत्री हैं, जो पूरे देश में भाजपा के हमलों और उनकी नीतियों का डटकर मुकाबला कर सकती हैं। अखिलेश ने लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए ममता बनर्जी द्वारा किए जा रहे संघर्ष को ऐतिहासिक बताते हुए समाजवादी पार्टी की ओर से उन्हें बिना शर्त और पूर्ण समर्थन देने का वादा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह एकजुटता अब और मजबूत होगी।
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लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुटता का आह्वान
मंगलवार दोपहर हुई इस मुलाकात में अखिलेश यादव के साथ उनकी पत्नी और सांसद डिंपल यादव भी मौजूद रहीं। लगभग 40 मिनट तक चली इस बातचीत में विपक्षी एकता और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा जिस तरह से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, उसके खिलाफ ममता बनर्जी ने जो रुख अपनाया है, वह सराहनीय है। उन्होंने हाल ही में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान ममता के कड़े विरोध का जिक्र करते हुए कहा, “दीदी ने केंद्रीय एजेंसियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है और हमें पूरा विश्वास है कि वह भाजपा को भी हराएंगी।”
#WATCH | Howrah: West Bengal CM Mamata Banrjee and Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav hold a press conference.
Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, "If anyone is competing with the BJP, its CM Mamata Banerjee… The SIR (Special Intensive Revision) they have brought is… pic.twitter.com/L9QY7MemRj
— ANI (@ANI) January 27, 2026
SIR और NRC के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस प्रक्रिया की आड़ में चुपके से NRC लागू करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश ने कहा:
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उत्तर प्रदेश में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
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यह प्रक्रिया निष्पक्ष न होकर विपक्षी दलों के वोट बैंक को निशाना बनाने के लिए की जा रही है।
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SIR के नाम पर आम जनता को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शी रहें, तब ऐसे में लाखों मतदाताओं के नाम कटना लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
भविष्य की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी इस महीने के अंत में दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की योजना बना रही हैं। अखिलेश यादव का यह दौरा इस विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन का समर्थन दिलाने के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि चाहे वह बंगाल हो या उत्तर प्रदेश, भाजपा की “विभाजनकारी राजनीति” के खिलाफ वह ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।








