NCMC Card in Delhi Buses:दिल्ली की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा आगे भी जारी रहेगी, लेकिन इसका तरीका अब बदलने जा रहा है। दिल्ली परिवहन निगम ने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी एनसीएमसी कार्ड जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। डीटीसी के अनुसार, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मिलने वाला पिंक कार्ड पूरी तरह मुफ्त होगा। इस कार्ड के जरिए वे दिल्ली की बसों में बिना टिकट लिए यात्रा कर सकेंगी।
एक बार बनेगा कार्ड, बार-बार टिकट की झंझट खत्म
डीटीसी अधिकारियों ने बताया कि यह एनसीएमसी कार्ड मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के कार्ड की तरह होगा। इसके लिए सिर्फ एक बार मामूली शुल्क लिया जाएगा, जबकि पिंक सहेली कार्ड पूरी तरह निशुल्क रहेगा। कार्ड के जरिए बसों में यात्रा करना आसान और डिजिटल हो जाएगा। इससे टिकटिंग सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और यात्रियों को हर बार लाइन में लगकर टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पिंक टिकट सिस्टम होगा बंद
फिलहाल दिल्ली की बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को पिंक टिकट दिए जाते हैं। रोजाना करीब सात लाख पिंक टिकट जारी होते हैं। हर सफर के लिए अलग टिकट लेना पड़ता है, जिससे समय और कागज दोनों की बर्बादी होती है। एनसीएमसी कार्ड लागू होने के बाद यह व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। कार्ड दिखाकर ही मुफ्त यात्रा हो सकेगी, जिससे सफर ज्यादा आरामदायक होगा।
फरवरी से शुरू हो सकता है कार्ड जारी होना
डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, निजी कंपनियों को कार्ड जारी करने की तैयारी में करीब एक महीना लगेगा। कार्यादेश मिलने के बाद कंपनियां तय केंद्रों पर अपना सिस्टम लगाएंगी। उम्मीद है कि फरवरी से एनसीएमसी कार्ड बनना शुरू हो जाएगा और धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
तीन तरह के स्मार्ट कार्ड लाने की योजना
दिल्ली सरकार सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी यात्रियों के लिए नए स्मार्ट कार्ड लाने की तैयारी में है।
पहला, पिंक सहेली कार्ड, जो महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए होगा और इससे बसों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा मिलेगी।
दूसरा, विशेष स्मार्ट कार्ड, जो वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और मौजूदा रियायती पास धारकों के लिए होगा।
तीसरा, जनरल स्मार्ट कार्ड, जिसे कोई भी यात्री रिचार्ज करके इस्तेमाल कर सकेगा, बिल्कुल मेट्रो कार्ड की तरह।
दिल्ली का आधार कार्ड जरूरी
पिंक सहेली कार्ड के लिए दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड जरूरी होगा। वहीं रियायती और सामान्य कार्ड मामूली शुल्क पर मिलेंगे। रियायती कार्ड उन्हीं लोगों को दिए जाएंगे, जो तय शर्तें पूरी करेंगे, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग, पत्रकार और खिलाड़ी। अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से आम यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।


