Delhi EV Policy 2026: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से Delhi सरकार ने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026–2030’ का ड्राफ्ट जारी किया है। चार साल की इस नई नीति का मुख्य लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को तेजी से बढ़ावा देना, हवा की गुणवत्ता में सुधार करना और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करना है।यह नीति भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 से प्रेरित है, जिसमें स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना गया है।
वाहनों से 23% प्रदूषण, दोपहिया सबसे बड़ा कारण
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में सर्दियों के दौरान करीब 23 प्रतिशत प्रदूषण के लिए वाहन जिम्मेदार होते हैं। इनमें दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 67 प्रतिशत है। यही कारण है कि नई नीति में सबसे ज्यादा फोकस दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने पर रखा गया है। इसके अलावा तीन पहिया वाहन, कमर्शियल कार और छोटे मालवाहक वाहन (N1) को भी इलेक्ट्रिक में बदलने पर जोर दिया गया है।
चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का विस्तार
चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए Delhi Transco Limited को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। यह संस्था चार्जिंग स्टेशनों की योजना, स्थान चयन और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इसके लिए एक डिजिटल पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम भी तैयार किया जाएगा।
बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए बनेगा ट्रैकिंग सिस्टम
बैटरी कलेक्शन सेंटर स्थापित करने और सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करने के लिए Delhi Pollution Control Committee नियम तय करेगा। इसके साथ ही बैटरी ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि रीसाइक्लिंग और दोबारा उपयोग सुरक्षित तरीके से हो सके।
2027 और 2028 से लागू होंगे बड़े बदलाव
नई नीति के तहत 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन संभव होगा।स्कूल बसों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाना अनिवार्य किया जाएगा। पहले दो वर्षों में 10 प्रतिशत, तीसरे वर्ष में 20 प्रतिशत और 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी अपनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी विभाग और बसें भी होंगी इलेक्ट्रिक
नई नीति के तहत सरकारी विभागों में खरीदी जाने वाली सभी नई गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी। Delhi Transport Corporation (DTC) की नई बसें भी इलेक्ट्रिक होंगी। इसके अलावा डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों को 2026 से पेट्रोल-डीजल वाहनों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।
