Delhi Laxmi Nagar Case: दबंगों का तांडव, बाप-बेटे की सरेआम बर्बर पिटाई, CCTV वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

दिल्ली के लक्ष्मी नगर में दबंगों ने थार से टक्कर मारकर बाप-बेटे को सड़क पर घसीटकर बेरहमी से पीटा। CCTV वीडियो वायरल होने से आक्रोश बढ़ा, एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार हैं।

Delhi Laxmi Nagar assault case

Delhi Laxmi Nagar Case: दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में गुंडागर्दी की एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक घटना सामने आई है। यहां कुछ दबंगों ने पहले थार गाड़ी से जानबूझकर टक्कर मारी और फिर बाप-बेटे को सड़क पर घसीटकर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, आरोपियों ने दोनों के कपड़े फाड़ दिए और उन्हें निर्वस्त्र कर दिया। यह पूरी वारदात 3 जनवरी 2026 की है, जिसका CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि राजधानी दिल्ली में सरेआम ऐसी हैवानियत कैसे हो सकती है और पुलिस व्यवस्था आखिर कहां थी।

थार से टक्कर, फिर सड़क पर घसीटकर पिटाई

घटना लक्ष्मी नगर की एक व्यस्त सड़क पर हुई। पीड़ित राजेश गर्ग और उनके बेटे वासु गर्ग अपनी कार से जा रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने थार गाड़ी से जानबूझकर उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद 5 से 6 युवक गाड़ी से उतरे और दोनों को जबरन बाहर निकाल लिया।

आरोपियों ने बाप-बेटे को सड़क पर घसीटा, कपड़े फाड़ दिए और लात-घूंसे व डंडों से जमकर पीटा। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि बदमाश पूरी तरह बेखौफ थे। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, लेकिन किसी ने भी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं की।

पुलिस के सामने भी नहीं रुके आरोपी

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस मौके पर पहुंची, फिर भी आरोपियों का हौसला कम नहीं हुआ। पुलिस के सामने भी उन्होंने दोबारा मारपीट करने की कोशिश की। हालांकि, बाद में पुलिस ने स्थिति को काबू में किया। गंभीर रूप से घायल राजेश गर्ग और उनके बेटे वासु को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
CCTV वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। लोग डर रहे हैं कि अगर ऐसे दबंग खुलेआम घूम रहे हैं, तो आम आदमी सुरक्षित कैसे रहेगा।

प्रॉपर्टी विवाद बना हमले की वजह

पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह हमला प्रॉपर्टी विवाद का नतीजा है। उनका कहना है कि आरोपियों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर जिम खोल रखा था। जब परिवार ने जिम खाली करने का नोटिस दिया, तो बदला लेने के लिए इस हमले को अंजाम दिया गया।
इस मामले में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें पिंटू यादव, विकास यादव, शुभम यादव, ओमकार यादव और मधुर शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी पिंटू यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपी अभी फरार हैं।

राजनीतिक कनेक्शन और डर का माहौल

पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपियों के स्थानीय राजनीतिक लोगों से संबंध हैं, इसी वजह से वे खुलेआम दबंगई करते हैं और पुलिस से भी नहीं डरते। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल राजनीतिक कनेक्शन की पुष्टि नहीं की है।

लक्ष्मी नगर के लोग डरे हुए हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा कि अगर सरेआम इस तरह की हिंसा होगी, तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा। पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि उन्हें दोबारा हमले का डर है।

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

यह घटना दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रॉपर्टी विवाद में सरेआम निर्वस्त्र कर पिटाई जैसी हैवानियत ने सभी को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।

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