Delhi NCR Railway Stations Redevelopment:दिल्ली और एनसीआर के बाहरी इलाकों में रहने वाले यात्रियों के लिए यह खबर किसी राहत से कम नहीं है। अब ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली स्टेशन तक भागना नहीं पड़ेगा। साल 2026 में दिल्ली और एनसीआर के तीन बड़े रेलवे स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, जहां से ट्रेनों का नियमित संचालन भी शुरू हो जाएगा। इससे लाखों यात्रियों का समय और परेशानी दोनों बचेंगी।
भारतीय रेलवे देशभर में रेलवे स्टेशनों को नए रूप में विकसित कर रहा है। इस योजना के तहत कुल 1337 स्टेशनों का रिडेवलपमेंट किया जा रहा है। इनमें से 100 से ज्यादा स्टेशन पिछले साल बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया था। इस साल भी रेलवे का लक्ष्य है कि 100 से अधिक स्टेशन तैयार कर वहां से ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए। इस सूची में दिल्ली और एनसीआर के तीन अहम स्टेशन भी शामिल हैं।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पीक ऑवर में ट्रेनों और यात्रियों का दबाव बहुत ज्यादा रहता है। इसी दबाव को कम करने के लिए आसपास के स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है, ताकि कुछ ट्रेनों को वहां से चलाया जा सके।
कौन-कौन से स्टेशन हो रहे हैं तैयार
इनमें दिल्ली के बिजवासन और सफदरजंग स्टेशन शामिल हैं, जबकि तीसरा स्टेशन गुरुग्राम का है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इन तीनों स्टेशनों को अप्रैल से पहले पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। रिडेवलपमेंट का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण चल रहा है।
अभी ट्रेन पकड़ने में कितना समय लगता है
फिलहाल गुरुग्राम के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली स्टेशन आना पड़ता है। इसके लिए करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है, जिसमें आमतौर पर डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं। ऑफिस ऑवर में ट्रैफिक और सुरक्षा जांच के कारण यह समय और बढ़ जाता है। कई बार इसी वजह से यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। दक्षिणी दिल्ली के बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों को भी नई दिल्ली स्टेशन पहुंचने में लगभग एक घंटा लग जाता है।
कैसे बचेगा यात्रियों का समय
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, जब ये तीनों स्टेशन चालू हो जाएंगे, तो कुछ ट्रेनों को नई दिल्ली स्टेशन से हटाकर इन स्टेशनों से चलाया जाएगा। सफदरजंग स्टेशन से अभी नियमित ट्रेनें नहीं चलती हैं, लेकिन रिडेवलपमेंट के बाद त्योहारों के समय यहां से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। इससे यात्रियों को नई दिल्ली स्टेशन तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और करीब आधे घंटे से एक घंटे तक का समय बचेगा।
स्टेशनों की खासियत
गुरुग्राम स्टेशन:करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां 9 मंजिला इमारत तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
बिजवासन स्टेशन:यह स्टेशन करीब 30 हजार वर्ग मीटर में विकसित किया जा रहा है। यहां बड़े कॉनकोर्स, चौड़े सबवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और पार्किंग के लिए स्काईवे की सुविधा होगी।
सफदरजंग स्टेशन:इस स्टेशन पर करीब 406 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यहां बड़ा ऑफिस एरिया बनाया गया है, जिससे कर्मचारी सीधे प्लेटफॉर्म से अपने दफ्तर पहुंच सकेंगे।









