Kejriwal Networth: 10 साल में केजरीवाल की कमाई कितनी बढ़ी जानकार हैरान हो जाएंगे चुनाव आयोग को दिया हलफनामा चौंकाने वाला है जिसमें उन्होंने अपनी इनकम बताई है दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल इस बार नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव हार गए। भाजपा के परवेश वर्मा ने उन्हें बड़े अंतर से हराया। हाल ही में उन्होंने चुनाव आयोग को अपनी संपत्ति और आय का ब्योरा दिया, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इस हलफनामे में बताया गया कि पिछले 10 सालों में उनकी संपत्ति और कमाई में क्या बदलाव आया है। आइए जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल की संपत्ति और कमाई के आंकड़े क्या कहते हैं।
केजरीवाल की संपत्ति कितनी है?
अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में बताया कि उनके पास कुल संपत्ति 4.23 करोड़ रुपये की है। इसमें उनकी चल संपत्ति 3.46 लाख रुपये और अचल संपत्ति 1.70 करोड़ रुपये की है। उनके पास 50,000 रुपये नकद हैं और बैंक में 2.96 लाख रुपये जमा हैं।दिलचस्प बात यह है कि उनके नाम पर न तो कोई कार है और न ही कोई घर। हालांकि, गाजियाबाद के इंदिरापुरम में उनके नाम नॉन-एग्रीकल्चरल लैंड (गैर-कृषि भूमि) है, जिसकी बाजार कीमत 1.7 करोड़ रुपये बताई गई है।
इसके अलावा, सुनीता के पास 320 ग्राम सोना और 1 किलो चांदी (जिसकी कीमत 92,000 रुपये आंकी गई है) भी है।
केजरीवाल की आय कितनी बढ़ी या घटी?
हलफनामे के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में अरविंद केजरीवाल की वार्षिक आय में उतार चढ़ाव देखा गया है।
2019-20 में उनकी सालाना आय सिर्फ 1.57 लाख रुपये थी।
2020-21 में यह बढ़कर 44.9 लाख रुपये हो गई।
2023-24 में उनकी आय घटकर 7.2 लाख रुपये रह गई।
वहीं, सुनीता केजरीवाल की आय भी पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है।
2019-20 में उनकी सालाना आय 10.4 लाख रुपये थी।
2023-24 में यह बढ़कर 14.1 लाख रुपये हो गई।
केजरीवाल की कमाई पर क्या असर पड़ा?
अरविंद केजरीवाल पहले इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) में अधिकारी थे। उस समय उन्हें सरकारी वेतन और भत्ते मिलते थे। राजनीति में आने के बाद उनकी आमदनी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खासकर, पिछले एक साल में जब वे छह महीने जेल में थे, तो इसका असर उनकी कमाई पर भी पड़ा।चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल की राजनीति में आगे की राह आसान नहीं होगी। उनकी संपत्ति और आय के आंकड़े यह दिखाते हैं कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी संपत्ति में इजाफा हुआ, लेकिन आय में गिरावट भी देखी गई। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे उनकी राजनीति और वित्तीय स्थिति कैसी रहती है।