Tarana violence: उज्जैन के तराना में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 22 जनवरी की शाम बजरंग दल कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर पर हुए जानलेवा हमले के बाद, 23 जनवरी को जुमे की नमाज के बाद हिंसा और अधिक भड़क गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष लाठी-डंडे और तलवारों के साथ सड़कों पर उतर आए। भीड़ ने न केवल निजी घरों को निशाना बनाया, बल्कि रास्ते में आने वाले वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आगजनी की इस घटना में दोपहिया वाहनों के साथ-साथ एक यात्री बस को भी जला दिया गया, जिसके बाद अग्निशमन दल ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। प्रशासन ने अब तक इस मामले में 6 में से 5 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
उज्जैन के तराना कस्बे में गुरुवार रात अज्ञात लोगों ने विश्व हिंदू परिषद के एक प्रचारक और उनके एक साथी के साथ मारपीट कर दी। हमले में गंभीर दोनों घायलो को उज्जैन शिफ़्ट किया गया है।
इसके जवाब में VHP के कथित समर्थकों ने धार्मिक नारा लगाते हुए बस स्टैंड पर खड़ी 11 बसों में तोड़फोड़… pic.twitter.com/CTS6ZRh3w3
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) January 22, 2026
हिंसा का घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति
Tarana घटना की शुरुआत 22 जनवरी की शाम लगभग 7:00 से 7:30 बजे के बीच हुई, जब सोहेल ठाकुर नामक युवक पर कुछ लोगों ने पीछे से जानलेवा हमला किया। इस हमले में सोहेल के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार के बाद उज्जैन रेफर कर दिया गया।
अगले दिन, इस घटना के विरोध और जुमे की नमाज के बाद पैदा हुए तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। Tarana की सड़कों पर उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे आम नागरिकों में दहशत फैल गई। पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद कई घरों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं।
In Ujjain’s Tarana area of Madhya Pradesh, a fight broke out between two youths over a money transaction. Hindu organizations gave it a Hindu-Muslim angle and, during the night, vandalized the houses and shops of Muslims, while the police just stood by and watched. pic.twitter.com/LHzoqggnCr
— Indian Muslim Diary (@IndMuslimDiary) January 23, 2026
पीड़ितों का दर्द और नेताओं की प्रतिक्रिया
हिंसा के बीच सबसे ज्यादा नुकसान आम और गरीब तबके के लोगों का हुआ है। बस ड्राइवर पप्पू खान ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि उनकी बस यात्रियों को लेकर स्टैंड की तरफ जा रही थी, तभी अचानक उन पर हमला हुआ। उन्होंने सवाल किया:
“मेरी क्या गलती थी? जब भी कोई झगड़ा होता है, तो गरीब लोगों की गाड़ियों को ही निशाना क्यों बनाया जाता है? उपद्रवियों ने हिंदू-मुस्लिम के नारे लगाए और मेरी रोजी-रोटी का साधन (बस) पूरी तरह नष्ट कर दिया।”
दूसरी ओर, VHP नेता विष्णु पाटीदार ने प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कहा कि हालांकि पांच गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन मुख्य आरोपी जिसने सिर पर वार किया था, वह अब भी फरार है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य आरोपी पकड़ा नहीं जाता, संगठन का विरोध जारी रहेगा।
प्रशासन की कार्रवाई
फिलहाल Tarana क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अन्य दंगाइयों की पहचान कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकास मॉडल की चर्चाओं के बीच, प्रदेश के एक महत्वपूर्ण कस्बे में हुई इस हिंसा ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


