रविवार, अक्टूबर 4, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍

CJI गवई छेड़ी नई बहस,लोकतंत्र में सबसे ताकतवर कौन कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका या संविधान

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने कहा कि भारत में संविधान सर्वोच्च है, न कि संसद। उन्होंने न्यायपालिका की जिम्मेदारी, मूलभूत अधिकारों की रक्षा और संविधान की मूल संरचना को बनाए रखने की बात दोहराई।

by SYED BUSHRA
जून 26, 2025
in देश
Share on FacebookShare on Twitter

CJI BR Gavai: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ की जगह वर्तमान में कार्यरत जस्टिस बी.आर. गवई ने अमरावती में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संविधान की सर्वोच्चता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में अगर कोई सबसे ऊपर है, तो वो संसद नहीं, बल्कि भारत का संविधान है। उन्होंने ये बात अपने गृह नगर अमरावती में बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में कही।

तीनों संस्थाएं संविधान के अधीन हैं

मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि हमेशा इस बात पर बहस होती रही है कि लोकतंत्र में सबसे ताकतवर कौन है। कार्यपालिका, विधायिका या न्यायपालिका। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संसद को सबसे ऊपर मानते हैं, लेकिन असल में संविधान ही सबसे बड़ा है। लोकतंत्र के ये तीनों स्तंभ संविधान की सीमाओं और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम करते हैं।

RELATED NEWS

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

सितम्बर 23, 2026
Reel Controversy: MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, इन्फ्लुएंसर को कालिख पोती, सिर पर चप्पल रख क्यों मंगवाई माफी

Supreme court Arrest Rules :गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई तो कार्रवाई होगी गैरकानूनी, किससे लेनी होगी अनुमति

सितम्बर 21, 2026

न्यायाधीश का काम,लोगों के अधिकारों की रक्षा

उन्होंने ये भी बताया कि कोई भी न्यायाधीश केवल सरकार के खिलाफ फैसला सुनाने से स्वतंत्र नहीं हो जाता। असली जिम्मेदारी है। नागरिकों के अधिकारों, संविधान की मूल भावना और उसके मूल सिद्धांतों की रक्षा करना। न्यायिक शक्तियों के साथ-साथ कुछ अहम जिम्मेदारियां भी होती हैं, जिनका ईमानदारी से पालन जरूरी है।

‘लोग क्या कहेंगे’, इस सोच से बाहर निकलना होगा

CJI गवई ने स्पष्ट किया कि जज को यह नहीं सोचना चाहिए कि उसके फैसले पर लोग क्या कहेंगे। फैसले स्वतंत्र सोच से होने चाहिए, न कि किसी की राय से प्रभावित होकर। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम और फैसलों को ही बोलने दिया है और मौलिक अधिकारों की रक्षा को अपनी प्राथमिकता माना है।

संविधान की मूल संरचना नहीं बदली जा सकती

मुख्य न्यायाधीश ने दो टूक कहा कि संसद के पास संविधान में बदलाव करने का अधिकार जरूर है, लेकिन वह संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) को छू भी नहीं सकती। यही भारत के लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है, जो किसी भी सरकार या सत्ता से ऊपर है।

‘बुलडोजर जस्टिस’ और आवास का अधिकार

CJI गवई ने अपने उस फैसले की याद दिलाई जिसमें उन्होंने “बुलडोजर न्याय” पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को रहने का अधिकार है और ऐसे मामलों में मौलिक अधिकारों की रक्षा करना न्यायपालिका की जिम्मेदारी बनती है।

बचपन की यादें और वकालत का सफर

भावुक होते हुए गवई ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका सपना आर्किटेक्ट बनने का था, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वह वकील बनें। उनके पिता खुद स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल थे और इसी कारण कभी वकालत नहीं कर पाए थे।

Tags: indian ConstitutionSupreme Court
Share196Tweet123Share49

SYED BUSHRA

Related Posts

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

by Kirtika Tyagi
सितम्बर 23, 2026

कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में बड़े अंतर पर सुप्रीम कोर्ट...

Reel Controversy: MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, इन्फ्लुएंसर को कालिख पोती, सिर पर चप्पल रख क्यों मंगवाई माफी

Supreme court Arrest Rules :गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई तो कार्रवाई होगी गैरकानूनी, किससे लेनी होगी अनुमति

by SYED BUSHRA
सितम्बर 21, 2026

Supreme Court Arrest Rules: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 21 सितंबर को गिरफ्तारी से जुड़े अहम नियम तय किए। कोर्ट ने...

GBU Student को नोटिस जारी करना पड़ा भारी, मजिस्ट्रेट सस्पेंड,सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

GBU Student को नोटिस जारी करना पड़ा भारी, मजिस्ट्रेट सस्पेंड,सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

by Kirtika Tyagi
सितम्बर 10, 2026

ग्रेटर नोएडा की गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने के...

Defamation Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राहुल गांधी कोई VVIP नहीं, जल्द सुनवाई चाहिए तो प्रक्रिया अपनाएं

Defamation Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राहुल गांधी कोई VVIP नहीं, जल्द सुनवाई चाहिए तो प्रक्रिया अपनाएं

by SYED BUSHRA
सितम्बर 10, 2026

Rahul Gandhi Defamation Case Supreme Court: राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट...

Supreme Court CJP Protest Case

CJP Protest: छात्रों को नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट से मांगा जवाब

by SYED BUSHRA
सितम्बर 9, 2026

 Supreme Court CJP Protest Case:CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा एक छात्र...

Next Post
Emergency and the Dark Days of Film : जब सिनेमा हुआ सेंसरशिप का शिकार, कला पर कैसे कसा था इमरजेंसी का शिकंजा

Emergency and the Dark Days of Film : जब सिनेमा हुआ सेंसरशिप का शिकार, कला पर कैसे कसा था इमरजेंसी का शिकंजा

Nayab Singh Saini

शहीदों के बच्चों के लिए हरियाणा सरकार का तोहफ़ा, अब मिलेगी स्कॉलरशिप, जानें कितनी होगी राशि!

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In