Gold Price Surge: सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। एक ही दिन में सोने के दाम 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी जैसे दूसरे कीमती धातुओं की कीमतों में भी अच्छा उछाल आया। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच अचानक बढ़ा राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। जब भी दुनिया में हालात अस्थिर होते हैं, निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं और ऐसे समय में सोना सबसे पसंदीदा विकल्प बन जाता है।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक ऑपरेशन में हिरासत में लेने की खबर के बाद बाजार में हलचल मच गई। इसी वजह से सेफ-हेवन डिमांड बढ़ी और सोने की कीमतें ऊपर चली गईं।
सोना कितने डॉलर तक पहुंचा
सोमवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 1.5 प्रतिशत बढ़कर 4,395.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। यह स्तर पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इससे पहले 26 दिसंबर 2025 को सोना 4,549.71 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था।
वहीं फरवरी डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखी गई। इसमें करीब 1.8 प्रतिशत का उछाल आया और कीमत 4,405.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक हालात तनावपूर्ण बने रहेंगे, तब तक सोने में मजबूती बनी रह सकती है।
2025 रहा सोने के लिए शानदार साल
साल 2025 सोने के निवेशकों के लिए बेहद खास रहा है। पूरे साल के दौरान सोने की कीमतों में करीब 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह 1979 के बाद से सोने की सबसे बड़ी सालाना तेजी मानी जा रही है।
इस जबरदस्त उछाल के पीछे कई कारण रहे हैं। इनमें ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, वैश्विक अनिश्चितता, सेफ-हेवन डिमांड और गोल्ड ETF में बढ़ता निवेश शामिल है। बाजार का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल भी कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे सोने को और सपोर्ट मिल सकता है।
चांदी ने भी दिखाई चमक
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। बढ़ती इंडस्ट्रियल जरूरतों, निवेशकों की मजबूत मांग और सप्लाई की कमी के कारण चांदी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। स्पॉट सिल्वर की कीमत करीब 4.5 प्रतिशत बढ़कर 75.86 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
चांदी को अब एक अहम अमेरिकी मिनरल के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग और मजबूत हो रही है।
मादुरो की गिरफ्तारी से बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने शनिवार को एक ऑपरेशन के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया। इसके बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने खुद को अंतरिम नेता घोषित किया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मादुरो अब भी देश के राष्ट्रपति हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लैटिन अमेरिका में अमेरिका का सबसे विवादित कदम माना जा रहा है। 37 साल पहले पनामा पर हुए हमले के बाद इसे सबसे बड़ा दखल बताया जा रहा है। इसी राजनीतिक अनिश्चितता ने सोने और चांदी की कीमतों को नई रफ्तार दे दी है।


