Gold-Silver Rate Today:सोने और चांदी की कीमतों में जारी तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक तनाव के माहौल ने कीमती धातुओं की चमक और बढ़ा दी है। गुरुवार, 29 जनवरी को चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला और यह पहली बार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ₹4 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई।
MCX पर चांदी 5 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर ₹4,05,003 प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। एक ही दिन में चांदी करीब ₹19,637 महंगी हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशक सोने के मुकाबले चांदी को सस्ता और मजबूत विकल्प मान रहे हैं, इसी वजह से इसमें तेज खरीदारी हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी मजबूत चाल
वैश्विक बाजारों में भी चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। स्पॉट सिल्वर 10.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 117.4 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान यह 119.34 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक भी गई। साल 2026 में अब तक चांदी करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हो चुकी है। इसकी वजह निवेश की बढ़ती मांग, सप्लाई की कमी और बाजार में बना सकारात्मक माहौल माना जा रहा है।
सोने ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
चांदी के साथ-साथ सोने ने भी गुरुवार को जबरदस्त छलांग लगाई। MCX पर सोना 5.82 प्रतिशत की तेजी के साथ पहली बार ₹1,75,578 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यानी एक दिन में सोना करीब ₹9,663 महंगा हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत 9.73 प्रतिशत बढ़कर 5,528 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
खुदरा बाजार में भी बढ़ीं कीमतें
रिटेल यानी खुदरा बाजार में भी सोना-चांदी के दाम तेजी से चढ़े। बुलियन वेबसाइट के मुताबिक, 29 जनवरी को सोना करीब ₹11,640 की बढ़त के साथ ₹1,78,850 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी में ₹16,310 की बड़ी उछाल आई और इसका भाव ₹4,03,950 प्रति किलो हो गया।
क्यों आई इतनी तेज उछाल
इस जोरदार तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियों की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
इसके अलावा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखा है। फेड चेयरमैन जेरोम पावेल ने संकेत दिया है कि महंगाई अभी भी लक्ष्य से ऊपर रह सकती है। डॉलर में आई कमजोरी ने भी सोने और चांदी को सपोर्ट दिया है। जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक कीमती धातुओं में मजबूती बनी रह सकती है।
