Silver Rate Today: शुक्रवार, 30 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। बीते कुछ दिनों से लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहे सोने ने निवेशकों को चौंका दिया। सोने के भाव अपने उच्चतम स्तर से करीब 85 हजार रुपये तक नीचे आ गए। वहीं, चांदी की कीमतों में भी कई हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
आज सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बाजार खुलने से पहले सोना 578 रुपये टूटकर 1,49,075 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर नजर आया। दूसरी ओर, मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 2,91,922 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी। इतनी बड़ी गिरावट के बाद आम निवेशकों के मन में एक ही सवाल है। क्या आज भी सोना-चांदी सस्ता होगा?
बाजार विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
बाजार जानकारों के मुताबिक, आज के कारोबार में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना कम है। इसके पीछे दो अहम वजहें मानी जा रही हैं।
पहली वजह : मुनाफा वसूली (प्रॉफिट बुकिंग):
जब किसी चीज़ के दाम तेजी से ऊपर जाते हैं और रिकॉर्ड स्तर छूते हैं, तो निवेशक मुनाफा निकालना शुरू कर देते हैं। यही इस समय सोने-चांदी के साथ हो रहा है। लंबे समय से चली आ रही तेजी के बाद यह गिरावट एक सामान्य प्रक्रिया मानी जा रही है।
दूसरी वजह :बजट 2026 का इंतजार
देश का आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना है। बजट में सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। इसी अनिश्चितता के कारण बाजार फिलहाल संभलकर चल रहा है और बड़ी गिरावट से बचा हुआ है।
बजट का ‘एक्स फैक्टर’ क्या है?
सोने-चांदी की कीमतों के लिए बजट 2026 बेहद अहम साबित हो सकता है। अगर वित्त मंत्री बजट में सोने की इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का ऐलान करती हैं, तो कीमतों में 5,000 से 8,000 रुपये तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। इससे खरीदारी का अच्छा मौका बन सकता है। लेकिन अगर इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया, तो अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़े बयान और वैश्विक तनाव, सोने-चांदी की कीमतों को फिर ऊपर ले जा सकते हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल बाजार के संकेत यही बता रहे हैं कि आज सोना-चांदी का बाजार या तो स्थिर रह सकता है या फिर हल्की गिरावट के साथ बंद हो सकता है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बजट के बाद का इंतजार करना समझदारी भरा कदम हो सकता है। बजट के बाद ही साफ होगा कि कीमतें किस दिशा में जाएंगी।


