कौन है राधा कुमारी,गृहिणी बनी मिसाल, परिवार और पढ़ाई को साथ लेकर रचा इतिहास, पांच भर्ती परीक्षा की रही टॉपर

आंध्र प्रदेश की गृहिणी राधा कुमारी ने मेगा डीएससी 2025 परीक्षा में पांच विषयों में शानदार रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया। परिवार और बच्चों की ज़िम्मेदारियों के बीच मिली यह सफलता सबके लिए मिसाल है।

Andhra Pradesh:के श्रीकाकुलम जिले की एक साधारण महिला ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह कहानी है चिंतादा राधा कुमारी की, जो एक गृहिणी होते हुए भी पढ़ाई और सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा।

कौन हैं राधा कुमारी?

राधा कुमारी, श्रीकाकुलम जिले के सरुबुज्जिली मंडल के मतलाबु पेटा गांव की रहने वाली हैं। उनके पति के.एल. नायडू हैदराबाद में एलआईसी एजेंट हैं। साल 2016 में राधा ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने नागार्जुन विश्वविद्यालय से तेलुगु विषय में एमए किया। इसके बाद 2013 में हैदराबाद से टीटीसी, 2018-19 में भाषा पंडित की पढ़ाई, और 2023 में आंध्र विश्वविद्यालय से बी.एड पूरा किया।

पढ़ाई और परिवार दोनों संभाले

राधा हमेशा से शिक्षक बनना चाहती थीं। शादी और बच्चों की ज़िम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई का सिलसिला नहीं रोका। दिन-रात मेहनत करके उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा (डीएससी) की तैयारी की।

जब राज्य सरकार ने 16,347 पदों के लिए मेगा डीएससी परीक्षा की घोषणा की, तब राधा ने अपने सभी योग्य विषयों में आवेदन किया। उन्होंने एक-एक करके सभी परीक्षाएं दीं और नतीजे आने पर सबको हैरान कर दिया।

पांचों विषयों में शानदार सफलता

राधा कुमारी ने पांच विषयों में आवेदन किया और सभी में शानदार सफलता हासिल की। उनकी रैंक इस प्रकार रही:

एसजीटी (चित्तूर नालोकल) – 14वीं रैंक

एसए तेलुगु (श्रीकाकुलम) – 23वीं रैंक

एसए सोशल स्टडीज (श्रीकाकुलम) – 39वीं रैंक

टीजीटी सोशल (श्रीकाकुलम) – 77वीं रैंक

टीजीटी तेलुगु (श्रीकाकुलम) – 113वीं रैंक

इन नतीजों ने साबित कर दिया कि लगन और मेहनत से कोई भी मंज़िल हासिल की जा सकती है।

पति और परिवार का मिला साथ

अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए राधा ने कहा कि यह सब उनके पति के सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने बच्चों की देखभाल से लेकर पढ़ाई का माहौल बनाने तक हर तरह से मदद की।

राधा के परिवार के लोग भी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उनके बड़े भाई पहले से ही सरकारी शिक्षक हैं और छोटे भाई पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

राधा कुमारी की यह सफलता उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार की ज़िम्मेदारियों के साथ अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। उनका यह सफर बताता है कि सही इच्छा, मेहनत और परिवार का साथ हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

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