Evaluation System: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM प्रणाली इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे। छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस व्यवस्था की पारदर्शिता पर चिंता जताई। बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली
ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल व्यवस्था है, जिसके जरिए परीक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाती है। इस प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाना है। हालांकि हाल के दिनों में कुछ छात्रों और विशेषज्ञों ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में तकनीकी और पारदर्शिता से जुड़े कई मुद्दे सामने आए हैं।
परिणाम के बाद बढ़ी चर्चा
कक्षा 12 के नतीजे आने के बाद कई छात्रों ने अपने अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। कुछ छात्रों का मानना था कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में अधिक पारदर्शिता की जरूरत है। इसी दौरान OSM सेवाओं के चयन और खरीद प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई, जिससे मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया।
छात्र के ब्लॉग से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ा जब 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने अपने ब्लॉग में कुछ गंभीर दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि हैदराबाद की एक कंपनी को OSM प्रक्रिया से जुड़ा अनुबंध देने के लिए नियमों में कथित बदलाव किए गए। ब्लॉग सामने आने के बाद यह मुद्दा शिक्षा जगत और नीति निर्माताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया।
संसदीय समिति ने भी की समीक्षा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक संसदीय समिति ने भी इसकी समीक्षा की। बैठक में मूल्यांकन प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि छात्र सार्थक सिद्धांत ने भी समिति के सामने अपनी बात रखी और अपने दावों से जुड़ी जानकारी साझा की।
जांच समिति का गठन
केंद्र सरकार ने OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान करेंगी। समिति यह जांच करेगी कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार हुई थी या नहीं। सरकारी आदेश के अनुसार, समिति को अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर संबंधित विभाग को सौंपनी होगी। रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया, चयन मानकों और संभावित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं निगाहें
CBSE देश का सबसे बड़ा स्कूल शिक्षा बोर्ड है और इसके फैसलों का असर लाखों छात्रों पर पड़ता है। ऐसे में मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में मूल्यांकन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा
