Uttar Pradesh : सीएम योगी ने लखनऊ को दी ‘आदर्श स्कूल’ की सौगात, कहा ‘मेहनत का कोई विकल्प नहीं’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन कर इसे प्रदेश की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और राष्ट्र प्रेम का मंत्र दिया। यह विद्यालय स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब जैसी सुविधाओं से लैस है, जो सरकारी शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का संकेत है।

Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आदर्श माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत निर्मित यह विद्यालय न केवल शैक्षिक रूप से बल्कि तकनीकी रूप से भी सुसज्जित है। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्रों के साथ समय बिताया।

मुख्यमंत्री का ‘सफलता का मंत्र’

समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने छात्रों को जीवन में अनुशासन और कड़ी मेहनत का महत्व समझाया। उन्होंने सफलता के लिए तीन प्रमुख बातें साझा कीं:
* अनुशासन ही आधार है: मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अनुशासित छात्र ही देश का जिम्मेदार नागरिक बन सकता है। बिना अनुशासन के ज्ञान का सही उपयोग संभव नहीं है।
* निरंतर अभ्यास: “अभ्यास सफलता की कुंजी है,” इस बात पर जोर देते हुए उन्होंने छात्रों को नई तकनीक और शोध की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
* राष्ट्र सेवा का भाव: शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान देना होना चाहिए।

आदर्श माध्यमिक विद्यालय की खासियतें

यह विद्यालय सरकार की उस दूरदर्शिता का प्रतीक है जिसके तहत सरकारी स्कूलों को कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
* स्मार्ट क्लासेज: यहाँ बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
* अत्याधुनिक लैब: विज्ञान और कंप्यूटर की आधुनिक प्रयोगशालाएं यहाँ उपलब्ध कराई गई हैं।
* खेल सुविधाएं: बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बड़ा खेल मैदान और इनडोर खेलों की व्यवस्था की गई है

शिक्षा के क्षेत्र में बदलता उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि “ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से यूपी के लाखों सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली गई है। आदर्श माध्यमिक विद्यालय इसी श्रृंखला की एक कड़ी है, जहाँ गरीब से गरीब बच्चा भी विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को केवल पाठ्यक्रम न पढ़ाएं, बल्कि उनके चरित्र निर्माण पर भी ध्यान दें।

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