NEET Exam को लेकर 59 जिलों में सुरक्षा कड़ी, बस-रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात होगी

नीट परीक्षा को लेकर 59 जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बस और रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और सभी परीक्षा केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति होगी। प्रशासन ने यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी विशेष इंतजाम किए हैं। साथ ही औद्योगिक विकास के लिए भूमि अधिग्रहण, जनशिकायत निस्तारण और आयुष्मान योजना से जुड़े कई निर्देश भी दिए गए हैं।

NEET Exam: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए 59 जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

बस और रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

परीक्षा के दौरान भीड़ और आवागमन को नियंत्रित करने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर महिला पुलिस की तैनाती

प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्य सचिव S P Goyal ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

औद्योगिक विकास और भूमि अधिग्रहण पर भी निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारियों को 50 से 100 एकड़ भूमि चिन्हित कर एमएसएमई विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

इन औद्योगिक क्षेत्रों में कौशल विकास केंद्र, एमएसएमई प्लॉट, सामुदायिक केंद्र, ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर, रोजगार भवन, जिला उद्योग केंद्र, हेल्थ सेंटर, फायर स्टेशन और आधुनिक प्लग एंड प्ले सुविधाएं विकसित की जाएंगी। राज्य को इसके लिए नौ क्षेत्रीय जोनों में विभाजित किया गया है।

शिकायत निवारण और डिजिटल सिस्टम पर जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिलाधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम 10 जनशिकायतों का फीडबैक लेना अनिवार्य होगा। असंतोषजनक निस्तारण पर कार्रवाई की जाएगी और बिना उचित कारण शिकायत बंद करने पर भी जवाबदेही तय होगी।

इसके साथ ही 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ई-केवाईसी में नाम त्रुटि सुधार के लिए नया डेटा करेक्शन पोर्टल विकसित करने की भी बात कही गई है।

सरकार ने यह भी बताया कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है, जिसे जल्द ही आईजीआरएस पोर्टल से जोड़ा जाएगा।

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