Aditya Chopra filmmaker and private life बॉलीवुड की दुनिया में अगर किसी निर्देशक ने कम फिल्मों में ज़्यादा असर छोड़ा है, तो वह हैं आदित्य चोपड़ा। 21 मई 1971 को जन्मे आदित्य चोपड़ा को आज भारतीय सिनेमा का एक बेहद प्रभावशाली नाम माना जाता है। वे मशहूर फिल्म निर्माता यश चोपड़ा के बेटे हैं, लेकिन उन्होंने अपने नाम और काम से खुद की एक अलग पहचान बनाई है।
करियर की शुरुआत और पहली फिल्म
आदित्य चोपड़ा ने फिल्मी दुनिया में कदम बतौर सहायक निर्देशक रखा। उन्होंने अपने पिता यश चोपड़ा की कई फिल्मों में काम किया, लेकिन साल 1995 में जब उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ) बनाई, तो यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक युग की शुरुआत थी। शाहरुख खान और काजोल की ये फिल्म आज भी मुंबई के मराठा मंदिर में चल रही है और भारतीय रोमांस सिनेमा की क्लासिक मानी जाती है।
यशराज फिल्म्स की नींव
आदित्य चोपड़ा ने यशराज फिल्म्स (YRF) को एक ब्रांड बना दिया। उनके बैनर तले बनी मोहब्बतें, रब ने बना दी जोड़ी, बैंड बाजा बारात, जब तक है जान जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रहीं। उन्होंने इंडस्ट्री को कई नए चेहरों से भी मिलवाया, जिनमें रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा जैसे सितारे शामिल हैं।
निजी जिंदगी और शादी
आदित्य चोपड़ा हमेशा से ही मीडिया से दूर रहना पसंद करते हैं। 2014 में उन्होंने अभिनेत्री रानी मुखर्जी से इटली में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। शादी के समय सिर्फ परिवार और करीबी दोस्त ही मौजूद थे। 2015 में दोनों की बेटी ‘आदिरा’ का जन्म हुआ। आदित्य और रानी अपनी बेटी को लाइमलाइट से दूर रखते हैं ताकि वह एक सामान्य जीवन जी सके।
आदित्य चोपड़ा की खासियत
मीडिया से दूर रहकर भी इंडस्ट्री के सबसे पावरफुल शख्स।
हमेशा नए टैलेंट को बढ़ावा देना।
फिल्मों में पारिवारिक मूल्यों और आधुनिक सोच का संतुलन दिखाना।
पर्दे के पीछे से पूरी इंडस्ट्री को दिशा देना।
आदित्य चोपड़ा वो निर्देशक हैं जो कम बोलते हैं लेकिन उनके काम की गूंज हर कोने में सुनाई देती है। उन्होंने अपनी फिल्मों से न केवल प्यार और रिश्तों को दर्शाया, बल्कि भारतीय सिनेमा को एक नया विज़न भी दिया। आज उनका जन्मदिन सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि हर फिल्म प्रेमी के लिए खास है।